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नेशनल गेम्स में लवलीना, जैसमीन, शिवा और हुसामुद्दीन बॉक्सिंग के लिए तैयार

टोक्यो ओलंपिक खेलों की कांस्य पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन के 36वें नेशनल गेम्स में अंतिम समय में प्रवेश से बुधवार से यहां महात्मा मंदिर में मुक्केबाजी रिंग में प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा। एशियाई चैंपियनशिप के लिए चयन...

IANS News
By IANS News October 05, 2022 • 14:42 PM
नेशनल गेम्स में लवलीना, जैसमीन, शिवा और हुसामुद्दीन बॉक्सिंग के लिए तैयार
Image Source: Google

टोक्यो ओलंपिक खेलों की कांस्य पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन के 36वें नेशनल गेम्स में अंतिम समय में प्रवेश से बुधवार से यहां महात्मा मंदिर में मुक्केबाजी रिंग में प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा मिलेगा। एशियाई चैंपियनशिप के लिए चयन ट्रायल के दौरान नाक में मामूली चोट लगने से लवलीना ने पहले संकेत दिया था कि वह खेलों में प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएंगी।

इस साल की शुरूआत में विश्व चैम्पियनशिप में खराब प्रदर्शन और फिर उसके बाद बमिर्ंघम राष्ट्रमंडल खेलों से प्री-क्वार्टर फाइनल में बाहर हो जाने जैसी वजहों ने लंबे कद की असमिया मुक्केबाज की क्षमता के साथ न्याय नहीं किया।

इस प्रकार, नेशनल गेम्स में दो बार की विश्व चैम्पियनशिप की 69 किग्रा की कांस्य पदक विजेता को 30 अक्टूबर से अम्मान, जॉर्डन में शुरू होने वाले महाद्वीपीय मैचों से पहले खुद का आकलन करने के लिए एक आदर्श मंच प्रदान कर सकते हैं।

बॉक्सिंग फेडरेशन आफ इंडिया के महासचिव हेमंत कुमार कलिता ने कहा कि फेडरेशन ने आयोजन समिति से प्रवेश में बदलाव की अनुमति देने का अनुरोध किया था।

उन्होंने कहा, "शुरूआत में डॉक्टरों ने लवलीना को तीन सप्ताह के आराम की सलाह दी, लेकिन वह राष्ट्रीय खेलों में भाग लेना चाहती थी।"

उन्होंने कहा, "तदनुसार, असम एमेच्योर बॉक्सिंग एसोसिएशन ने लवलीना को उनकी स्थानापन्न भाग्यबती कचारी के स्थान पर बहाल करने का अनुरोध किया।"

कलिता ने कहा, "हमें उम्मीद है कि लवलीना मौके का पूरा फायदा उठाएगी और एशियाई चैंपियनशिप से पहले बेहतर महसूस करेंगी।"

लवलीना (75 किग्रा) के साथ ही सभी की निगाहें हरियाणा के भिवानी की बॉक्सिंग नर्सरी की 21 वर्षीय जैसमीन लैंबोरिया पर होंगी। जैसमीन ने हाल ही में राष्ट्रमंडल खेलों में अपने 60 किग्रा कांस्य पदक के बाद खेल कोटा पर भारतीय सेना में शामिल होने वाली पहली महिला मुक्केबाज बनकर इतिहास रच दिया। जैसमीन को 2018 विश्व चैंपियनशिप की कांस्य पदक विजेता पंजाब की सिमरनजीत कौर बाथ से कड़ी टक्कर का सामना करना पड़ सकता है।

हरियाणा की पूर्व विश्व चैम्पियनशिप पदक विजेता स्वीटी बूरा (75 किग्रा) और पूनम (57 किग्रा) और असम की मुक्केबाज जमुना बोरो (57 किग्रा) और पूर्व विश्व युवा चैम्पियन अंकुशिता बोरो (66 किग्रा) भी उन प्रमुख महिला मुक्केबाजों में शामिल होंगी, जिनके रिंग में प्रवेश करने से कड़े मुकाबलों की उम्मीद बनती है। दिल्ली की अंजलि तुशीर और ललिता (राजस्थान) अपने मुक्कों का दम दिखाने के लिए इस मंच का उपयोग कर सकती हैं।

राष्ट्रीय महिला मुक्केबाजी कोच भास्कर भट्ट के अनुसार पावरहाउस हरियाणा महिला वर्ग पर हावी रहेगा, लेकिन कुछ अच्छे मुक्केबाजों को मैदान में उतारने वाले असम और राजस्थान भी टूर्नामेंट में चमकेंगे।

इस बीच, विश्व चैम्पियनशिप के कांस्य पदक विजेता शिव थापा (67 किग्रा, असम) और दो बार के राष्ट्रमंडल खेलों के पदक विजेता मोहम्मद हुसामुद्दीन (57 किग्रा, सर्विसेज) सहित एशियाई चैम्पियनशिप में भाग लेने वाले 13 में से नौ मुक्केबाज पुरुष स्पर्धाओं में राष्ट्रीय खेल रोस्टर में प्रमुख नाम होंगे।

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57 किग्रा कैटेगरी के अलावा, कई सर्विसेज मुक्केबाजों के अपने-अपने भार वर्गों में प्रतियोगिता में हावी होने की उम्मीद है, जिसमें सुमित कुंडू (75 किग्रा), सचिन कुमार (80 किग्रा), संजीत (92 किग्रा), नरेंद्र (92 किग्रा से अधिक) ने अपनी भागीदारी की पुष्टि की।


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