X close
X close

'भारत इतिहास की सबसे बड़ी अंडर-परफॉर्मिंग टीम है’,सेमीफाइनल में जीत के बाद माइकल वॉन ने बोले कड़वे बोल

इंग्लैंड के पूर्व इंग्लैंड कप्तान माइकल वॉन (Michael Vaughan) ने ऑस्ट्रेलिया में टी-20 वर्ल्ड के सेमीफाइनल में इंग्लैंड से 10 विकेट की शर्मनाक पराजय झेलकर बाहर हुई भारतीय टीम की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि भारत टी-20...

IANS News
By IANS News November 11, 2022 • 15:36 PM

इंग्लैंड के पूर्व इंग्लैंड कप्तान माइकल वॉन (Michael Vaughan) ने ऑस्ट्रेलिया में टी-20 वर्ल्ड के सेमीफाइनल में इंग्लैंड से 10 विकेट की शर्मनाक पराजय झेलकर बाहर हुई भारतीय टीम की कड़ी आलोचना करते हुए कहा है कि भारत टी-20 वर्ल्ड कप में रूढ़िवादी क्रिकेट खेल रहा है और सीमित-ओवर क्रिकेट के इतिहास में अपने प्रतिभा के साथ न्याय ना करने वाली टीमों में सबसे आगे है।

भारत का इस साल के वर्ल्ड कप का सफर सेमीफाइनल में खत्म हो गया जब जोस बटलर के नेतृत्व में इंग्लैंड ने उन्हें गुरुवार को एडिलेड में 10 विकेट से रौंदा। 'द टेलीग्राफ' अखबार में वॉन ने अपने कालम में लिखा, "भारत इतिहास की सबसे बड़ी अंडर-परफॉर्मिंग टीम है। सारे खिलाड़ी इंडियन प्रीमियर लीग में खेलकर बताते हैं कि इससे कैसे उनके गेम में निखार आया लेकिन भारतीय टीम ने कब पिछली बार बड़े मंच पर अपनी प्रतिभा के साथ न्याय किया? 2011 में अपनी धरती पर 50-ओवर वर्ल्ड कप जीतने के बाद उनके हाथ एक भी खिताब नहीं आया। भारत कई सालों से रूढ़िवादी अंदाज में सफेद-गेंद क्रिकेट खेलता आया है।"

Trending


उन्होंने आगे लिखा, "उन्होंने ऋषभ पंत जैसे प्रतिभाशाली और विस्फोटक बल्लेबाज का भी सदुपयोग नहीं किया है। इस युग में ऐसे बल्लेबाज को आपको शीर्ष क्रम में डालकर मारने की पूरी छूट देनी चाहिए। उनकी प्रतिभा को देखते हुए उनकी शैली से मैं स्तब्ध हूं। उनके खिलाड़ी सही हैं लेकिन प्रक्रिया गलत है। आप विपक्षी टीम को पांच ओवर तक सहजता के साथ कैसे खेलने दे सकते हैं?"

वॉन ने भारतीय एकादश में ऑलराउंडर की कमी का उल्लेख करते हुए लिखा, "उनके पास गेंदबाजी के पांच ही विकल्प हैं और ऐसा कैसे संभव है जब 10-15 साल पहले उनके बल्लेबाजी क्रम में सभी गेंदबाजी कर लेते थे। सचिन तेंदुलकर, सुरेश रैना, युवराज सिंह और सौरव गांगुली भी उपयोगी गेंदबाज थे। अब कोई बल्लेबाज गेंदबाजी नहीं करता और ऐसे में कप्तान के विकल्प बहुत सीमित होते हैं।"

वॉन ने भारत के चयन और कप्तान रोहित शर्मा की कप्तानी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने लिखा, "टी-20 क्रिकेट के आंकड़े बताते हैं कि ऐसे स्पिनर जो गेंद को दोनों तरफ स्पिन करा सकते हैं वह कितने अहम हैं। भारत लेग स्पिनर से लैस है लेकिन वह कहां हैं? उनके पास एक बाएं हाथ का तेज गेंदबाज है, अर्शदीप सिंह, जो गेंद को दाएं हाथ के बल्लेबाजों के लिए अंदर ला सकता है। 168 के स्कोर के बचाव में वह क्या करते हैं? पहला ओवर भुवनेश्वर कुमार को थमा देते हैं जो गेंद को बाहर निकालते हैं और ऐसे में जॉस बटलर और एलेक्स हेल्स को रूम मिलता है। पहला ओवर बाएं हाथ के गेंदबाज से कराईए और गेंद को अंदर ले आईए ताकि बल्लेबाजों को कोई रूम नहीं मिले और वह तेज शुरूआत नहीं कर सकें।

वॉन ने आगे लिखा, "भारत की सफलता वर्ल्ड क्रिकेट के लिए जरूरी है लेकिन सभी संसाधनों के होते हुए उन्हें और मैच जीतने होंगे। 2016 में वह अपनी धरती पर टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल तक नहीं पहुंच पाए। पिछले साल उन्होंने निराश किया। इस बार भी पाकिस्तान को हराने के लिए टी-20 के सर्वकालिक बेहतर बल्लेबाज विराट कोहली की एक अवर्ल्डसनीय पारी की जरूरत पड़ी। अब सच का सामना करना होगा।''

Also Read: क्रिकेट के दिलचस्प किस्से

उन्होंने लिखा, "हर वैश्विक प्रतियोगिता से पहले सब उनकी गुणवत्ता को बढ़ा चढ़ा कर बोलते हैं। शायद लोगों को डर है कि सोशल मीडिया पर गालियां पड़ेंगी या आगे भारत में काम नहीं मिलेगा। आप चंद महान खिलाड़ियों के पीछे छिप नहीं सकते क्योंकि इस प्रारूप में आपको एकजुट होकर एक टीम बनकर खेलना पड़ता है। भारत के पास गेंदबाजी के विकल्प कम हैं, उनकी बल्लेबाजी में गहराई नहीं है और उनके स्पिन गेंदबाज चतुराई से बल्लेबाज को नहीं छका रहे।"