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दोस्त ने दिया उमेश यादव को धोखा, 44 लाख का लगाया चूना

  भारतीय तेज गेंदबाज उमेश यादव एक बार फिर से सुर्खियों में आ गए हैं और वजह बहुत ही हैरान करने वाली है। उमेश यादव को किसी और ने नहीं बल्कि उनके मैनेजर दोस्त ने ही धोखा दे दिया है।

Shubham Yadav
By Shubham Yadav January 22, 2023 • 13:24 PM

 

भारतीय तेज गेंदबाज उमेश यादव एक बार फिर से सुर्खियों में आ गए हैं और वजह बहुत ही हैरान करने वाली है। उमेश यादव को किसी और ने नहीं बल्कि उनके मैनेजर दोस्त ने ही धोखा दे दिया है। जी हां, मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो उमेश यादव को उनके दोस्त और मैनेजर शैलेश ठाकरे ने 44 लाख रु का चूना लगा दिया है। इस खबर ने  फैंस को एक बड़ा झटका दिया है।

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उमेश ने अपने दोस्त शैलेश पर 44 लाख की धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए केस दर्ज करवा दिया है और कोराड़ी पुलिस इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। इस मामले में पता लगा है कि शैलेश ने प्रॉपटी खरीदने के लिए उमेश के पैसों का इस्तेमाल किया और उमेश के कई बार कहने के बावजूद उसने पैसे वापस करना तो दूर बल्कि प्रोपर्टी को उमेश यादव के नाम पर ट्रांसफर करने से भी मना कर दिया जिसके बाद उमेश को ये कदम उठाना पड़ा।

समाचार एजेंसी प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (पीटीआई) की एक रिपोर्ट के मुताबिक, उमेश की शिकायत के बाद उमेश के मैनेजर शैलेश ठाकरे के खिलाफ पुलिस में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया गया है। उमेश का दोस्त 37 वर्षीय शैलेश ठाकरे कोराड़ी के रहने वाला है। इस मामले में अभ तक पुलिस किसी की भी गिरफ्तारी नहीं कर पाई है। ऐसे में फिलहाल पुलिस शैलेश की तलाश में जुटी हुई है और उसके पकड़े जाने के बाद ही इस मामले की तस्वीर साफ हो पाएगी।

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आपको बता दें कि उमेश यादव ने 15 जुलाई 2014 को ठाकरे को अपना मैनेजर नियुक्त किया। यादव ने तब ठाकरे से जमीन खरीदने में मदद करने के लिए कहा था लेकिन शैलेश ने उमेश को धोखा देकर उनसे 44 लाख की ठगी को अंजाम दे दिया। एक पुलिस अधिकारी ने पीटीआई से इस मामले की ज्यादा जानकारी देते हुए कहा, "ठाकरे ने समय के साथ यादव का विश्वास हासिल किया। उन्होंने उमेश यादव के सभी वित्तीय मामलों को संभालना शुरू कर दिया। वो यादव के बैंक खाते, आयकर और अन्य वित्तीय कार्यों को संभालते थे। ठाकरे ने एक जमीन लेने के लिए उमेश से 44 लाख रुपये लिए। इसके बाद यादव ने ठाकरे के बैंक खाते में 44 लाख रुपये जमा किए। हालांकि, ठाकरे ने प्लॉट अपने नाम पर खरीद लिया था।"