कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 का आयोजन गुजरात के अहमदाबाद में होगा। देशभर के खिलाड़ी इस खबर से रोमांचित हैं। पश्चिम बंगाल के खिलाड़ी भी कॉमनवेल्थ गेम्स को लेकर उत्साहित हैं। पांच साल बाद आयोजित होने वाले खेलों के इस महाकुंभ में हिस्सा लेने का सपना युवा खिलाड़ी देख रहे हैं।
साई के सहायक निदेशक डोंगरी लक्ष्मण ने कहा, "अहमदाबाद को कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी मिलना पूरे देश के लिए गर्व की बात है। खेलों इंडिया के माध्यम से देश में खेल की संस्कृति मजबूत हो रही है। कॉमनवेल्थ के आयोजन से हमारे देश में बढ़ रही खेल संस्कृति को और बढ़ावा मिलेगा।"
सुस्मिता सेन रॉय ने कहा, "भारत को ओलंपिक की मेजबानी मिलने की खबर सुनकर बहुत अच्छा लगा। भारतीय खिलाड़ियों को होम ग्राउंड में खेलने का फायदा मिलेगा और इसका प्रभाव मेडल टैली पर पड़ेगा।"
आर्चर श्रेय भारद्वाज ने कहा, "भारतीय टीम को फिर से कॉमनवेल्थ को आयोजित करने का फिर से मौका मिला है। यह दिखाता है कि दुनिया का भरोसा हम पर बढ़ रहा है। हमारे लिए यह अच्छा मौका है अपनी क्षमता को एक बार फिर दुनिया के सामने प्रदर्शित करने का। भारत ने खेल के क्षेत्र में किसी भी दूसरे देश की अपेक्षा जल्दी तरक्की की है।"
साहिल राजेश जाधव ने कहा, कॉमनवेल्थ गेम्स जैसे बडे़ इवेंट को आयोजित करने में प्रधानमंत्री का बड़ा रोल है। खिलाड़ियों को अपने घर में अपने प्रशंसकों का समर्थन मिलेगा। इससे प्रदर्शन अच्छा होगा और पदकों की संख्या बढ़ सकती है।
आर्चर श्रेय भारद्वाज ने कहा, "भारतीय टीम को फिर से कॉमनवेल्थ को आयोजित करने का फिर से मौका मिला है। यह दिखाता है कि दुनिया का भरोसा हम पर बढ़ रहा है। हमारे लिए यह अच्छा मौका है अपनी क्षमता को एक बार फिर दुनिया के सामने प्रदर्शित करने का। भारत ने खेल के क्षेत्र में किसी भी दूसरे देश की अपेक्षा जल्दी तरक्की की है।"
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देश के एथलीटों का मानना है कि 2010 में आखिरी बार दिल्ली में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स से बेहतर प्रदर्शन देश का अहमदाबाद कॉमनवेल्थ गेम्स में हो सकता है। इसके लिए खिलाड़ी जुट गए हैं।