भारत के पूर्व क्रिकेटर और कोच रवि शास्त्री ने प्रतिष्ठित वानखेड़े स्टेडियम में अपने नाम पर एक स्टैंड का अनावरण होने के बाद आभार व्यक्त किया। उन्होंने इस जगह को अपनी 'कर्मभूमि' बताया, जहां से उनके क्रिकेट करियर की शुरुआत हुई थी।
मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (एमसीए) ने गुरुवार को वानखेड़े स्टेडियम में क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी- रवि शास्त्री, दिलीप सरदेसाई, एकनाथ सोलकर और डायना एडुल्जी के नाम अंकित किए। इन सभी खिलाड़ियों को मुंबई और भारतीय क्रिकेट में अहम योगदान देने के लिए सम्मानित किया गया। प्रेस बॉक्स के नीचे स्थित लेवल 1 स्टैंड का नाम अब 'रवि शास्त्री स्टैंड' रखा गया है। भारत की 1983 विश्व कप विजेता टीम के सदस्य रहे शास्त्री का योगदान एक खिलाड़ी, कप्तान, कोच और कमेंटेटर के तौर पर शानदार रहा है।
शास्त्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए लिखा, "सम्मानित और विनम्र महसूस कर रहा हूं—अपनी कर्मभूमि वानखेड़े में एक स्टैंड मिलना बेहद खास है। यहीं से मेरे सफर की शुरुआत हुई थी और यहीं से मैंने सीखा कि मुकाबला करने, लड़ने और कभी भी हार न मानने के लिए क्या करना पड़ता है। मुझे अपने पिता की बहुत याद आई, लेकिन मैं शुक्रगुजार हूं कि मेरी मां और परिवार इस पल का गवाह बनने के लिए वहां मौजूद थे।"