New Delhi: भारतीय क्रिकेट टीम में जगह बनाना और लंबे समय के लिए उस जगह को बरकरार रखना हर खिलाड़ी के लिए संभव नहीं हो पाता। कभी फॉर्म की वजह से, कभी फिटनेस की वजह से, तो कभी किसी और कारण से कई प्रतिभावान खिलाड़ी भी टीम इंडिया के साथ लंबी पारी नहीं खेल पाते हैं। ऐसे खिलाड़ियों में ऑलराउंडर क्रुणाल पांड्या का नाम प्रमुखता से लिया जाता है।
क्रुणाल जैसे क्षमतावान खिलाड़ियों के लिए आईपीएल एक बड़े प्लेटफॉर्म के रूप में उभरा है, जहां उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ ही दौलत और शोहरत कमाने का भी भरपूर मौका मिलता है।
24 मार्च 1991 को अहमदाबाद, गुजरात में जन्मे क्रुणाल पांड्या का बचपन काफी संघर्ष में बीता है। अपने भाई हार्दिक पांड्या के साथ क्रिकेट करियर के शुरुआती दिनों में उन्हें आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा था, लेकिन देश के लिए खेलने और क्रिकेट में बड़ी सफलता हासिल करने का हौसला उन्होंने कभी नहीं छोड़ा। बाएं हाथ के बल्लेबाज और बाएं हाथ से स्पिन गेंदबाजी करने वाले क्रुणाल ने घरेलू क्रिकेट में बड़ौदा के लिए 2013 में टी20 में, 2014 में लिस्ट ए में और 2016 में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में डेब्यू किया था।