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कहानी क्रिकेट इतिहास के पहले टी20 मुकाबले की

Shubham Shah
By Shubham Shah
May 28, 2021 • 08:52 AM View: 2148

कहते ही है कि आवश्यकता ही आविष्कार की जननी है। क्रिकेट को भी किसी एक खास चीज की जरूरत थी जिससे की उसमें और निखार आए और दुनिया भर के फैंस के अंदर इसकी दीवानगी और वर्चस्व बना रहा।

पहले टेस्ट आया, फिर वनडे और बाद में टी-20 ने क्रिकेट का दामन पकड़ा। टी-20 के आने से क्रिकेट के खेल को अलग ही उड़ान मिली और देखते -देखते आज ज़्यादातर क्रिकेट फैंस  टी-20 को लेकर जितनी उत्सुकता दिखाते है वो क्रिकेट के किसी अन्य प्रारूप के लिए नहीं।

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क्यों शुरू हुआ था टी-20 क्रिकेट का फॉर्मेट 

क्रिकेट के दर्शक धीरे-धीरे कम हो रहे थे और कुछ ऐसा चाहिए था जिससे युवा दर्शक इस खेल के प्रति अपनी रुचि दिखाए। टी-20 क्रिकेट फॉर्मेट को लाने का साफ और सीधा मकसद यही था कि कैसे इस खेल को और रोचक बनाया जाए और एक लंबे और उबाऊ फॉर्मेट से दर्शकों को थोड़ा छुटकारा मिले।

इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड के मार्केटिंग मैनेजर स्टुअर्ट रॉबर्टसन ने पहली बार साल 2001 में काउंटी के चेयरमैन के सामने एक पारी में 20 ओवर करने का प्रस्ताव रखा था।

कहां और कैसे शुरू हुआ टी-20 क्रिकेट

टी-20 क्रिकेट फॉर्मेट को पहली बार साल 2003 में इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड ने लोगों के सामने रूबरू कराया। हालांकि उन्होंने यह प्रस्ताव इंटर-काउंटी क्रिकेट कंपटीशन के लिए दिया था। 13 जून साल 2003 को को इंग्लैंड की काउंटी टीमों के बीच पहला आधिकारिक टी-20 मैच खेला गया।

अगर इंटरनेशनल क्रिकेट में पहले टी-20 मैचों की बात करें तो वह 5 अगस्त साल 2004 को पुरुष नहीं बल्कि इंग्लैंड और न्यूजीलैंड की महिला टीम के बीच खेला गया जिसको कीवी टीम ने 9 रनों से अपने नाम किया।

और इसके बाद पुरुष क्रिकेट के लिए भी टी-20 का उद्गम हुआ। 17 फरवरी साल 2005 को ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के बीच पुरुषों का पहला टी-20 मुकाबला खेला गया। इस मैच का आयोजन ऑकलैंड के ईडन पार्क में हुआ। ऑस्ट्रेलिया की ओर से कप्तान रिकी पोंटिंग 90 रनों की नाबाद पारी खेली और टीम मुकाबले को 44 रनों से जीत गई।

इस मैच में ऑस्ट्रेलिया ने 20 ओवरों में  5 विकेट के नुकसान पर 214 रन बनाए और बदले में कीवी टीम 170 के स्कोर पर ऑल आउट हो गई।


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