Advertisement
Advertisement
Advertisement

कुश्ती विवाद में दो बहनें बबिता और विनेश आमने-सामने

शीर्ष भारतीय पहलवानों और भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के बीच चल रहे संघर्ष के इतर एक नया घमासान सामने आ रहा है। यह लड़ाई दो बहनों- एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों की पदक विजेता विनेश फोगाट,...

Advertisement
IANS News
By IANS News April 29, 2023 • 21:50 PM
कुश्ती विवाद में दो बहनें बबिता और विनेश आमने-सामने
कुश्ती विवाद में दो बहनें बबिता और विनेश आमने-सामने (Image Source: Google)

शीर्ष भारतीय पहलवानों और भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के बीच चल रहे संघर्ष के इतर एक नया घमासान सामने आ रहा है।

यह लड़ाई दो बहनों- एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों की पदक विजेता विनेश फोगाट, जो डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष द्वारा पहलवानों के कथित यौन उत्पीड़न के खिलाफ पहलवानों के विरोध का नेतृत्व कर रही है, और उनकी बहन और साथी सीडब्ल्यूजी पदक विजेता बबिता फोगट के बीच हैं।

दोनों बहनों ने ट्वीट के जरिए एक-दूसरे को सलाह देते हुए एक-दूसरे पर जमकर निशाना साधा। बबिता, जिन्हें प्रदर्शनकारी पहलवानों की मांग पर, एमसी मैरी कॉम की अगुवाई वाली ओवरसाइट कमेटी का हिस्सा बनाया गया था, जिसने डब्ल्यूएफआई मामलों की जांच की थी, उन्होंने विरोध करने वाले पहलवानों के साथ राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के शामिल होने पर ट्वीट किया।

बबिता ने हिंदी में एक ट्वीट किया- शून्य से उठकर शिखर तक पहुंचने वाले हम खिलाड़ी अपनी लड़ाई लड़ने में स्वयं सक्षम हैं। खिलाड़ियों के मंच को राजनीतिक रोटी सेंकने का मंच नहीं बनाना चाहिए। कुछ नेता खिलाड़ियों के मंच से अपनी राजनीति चमकाने में लगे हैं। खिलाड़ियों को भी यह ध्यान रखना चाहिए। हम किसी एक के नहीं समूचे राष्ट्र के हैं।

कांग्रेस पार्टी की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी के शनिवार को प्रदर्शनकारी पहलवानों के समर्थन में जंतर-मंतर पहुंचने के बाद बबिता ने ट्वीट किया। इसके जवाब में विनेश ने अपनी बहन से उनके आंदोलन को कमजोर नहीं करने को कहा। विनेश ने अपने ट्वीट में कहा, अगर आप महिला पहलवानों के हक के लिए खड़ी नहीं हो सकती हैं तो बबीता बहन आपसे हाथ जोड़कर विनती है कि हमारे आंदोलन को कमजोर न करें।

Also Read: IPL T20 Points Table

यह अलग बात है कि उनकी बड़ी चचेरी बहन गीता फोगट, जो 2010 राष्ट्रमंडल खेलों की स्वर्ण पदक विजेता हैं, उन्होंने शुरू से ही विरोध करने वाले पहलवानों का समर्थन किया है। विरोध करने वाले पहलवानों को बाईचुंग भूटिया और वीरेन रसकिन्हा जैसे शीर्ष खिलाड़ियों से बहुत समर्थन मिला है।


Advertisement
TAGS
Advertisement
Advertisement
Advertisement