23 जून 1979 को क्रिकेट का घर कहे जानें वाले लॉर्ड्स मैदान पर वर्ल्ड कप 1979 का फाइनल मैच इंग्लैंड और वेस्टइंडीज के बीच खेला गया। वेस्टइंडीज ने इंग्लैंड को 92 रन से पटखनी थी और कप्तान क्लाइव लॉयड और उनकी टीम ने दूसरी बार वर्ल्ड कप ट्रॉफी उठाई । 

इंग्लैंड के कप्तान माइक ब्रेअरले ने टॉस जीतकर वेस्टइंडीज को पहले बल्लेबाजी करने को आमंत्रित किया। इंग्लैंड के गेंदबाजों ने कप्तान के फैसले को सही साबित करते हुए वेस्टइंडीज के शुरूआती 2 विकेट केवल 36 रनों के अंदर गिरा दिए। इस वर्ल्ड कप में अपनी स्विंग का जादू दिखाने वाले माइकल हैंड्रिक ने वेस्टइंडीज के मध्धयम क्रम बल्लेबाजी के धूरी बन चुके बल्लेबाज एल्विन कालीचरण को केवल 4 रन के निजी स्कोर पर क्लीन बोल्ड कर वेस्टइंडीज बल्लेबाजी क्रम की कमर तोड़ दी। वेस्टइंडीज की हालत बिल्कुल ही पतली हो गई थी। इसके बाद बल्लेबाजी करने आए वेस्टइंडीज के कप्तान क्लाइव लॉयड और धुरंधर बल्लेबाज विवियन रिचर्ड्स। दोनों के कंधे पर टीम वेस्टइंडीज की पारी को संभालने की बड़ी जिम्मेदारी थी मगर कप्तान क्लाइव लॉयड वेस्टइंडीज के उम्मीद पर खरे नहीं उतरे और इंग्लैंड के गेंदबाज क्रिस्टोफर मिड्डलेटों ओल्ड ने लॉयड को आउट कर वेस्टइंडीज टीम में मायूसी ला दी। 

वेस्टइंडीज का स्कोर 4 विकेट पर 99 रन था। विवियन रिचर्ड्स पारी को संभालने में अपना 100 फीसदी दे रहे थे और साथ ही रिचर्ड्स का साथ देने मैदान पर पहुंचे कल्लिस किंग ने अपनी बल्लेबाजी का जो कारनामा किया वो बेहद ही अद्भूत था। कल्लिस किंग ने जिस अंदाज में बल्लेबाजी की उससे वेस्टइंडीज टीम के ऊपर से दवाब बेहद ही कम हो गया औऱ इंग्लैंड के गेंदबाज एक समय जहां वेस्टइंडीज पर हावी थे तो वहीं कल्लिस और रिचर्ड्स ने अपने बल्लेबाजी से से इंग्लैंड के गेंदबाजों को बेअसर कर दिया। दोनों ने मिलकर पांचवें विकेट के लिए तेजी से रन बटोर कर 136 रन की पार्टनरशिप सिर्फ 77 मिनट में कर डाली जिसमें हैरत की बात ये रही कि पार्टनरशिप में किंग के 86 रन अकेले बनाएं थे। 238 रन के योग पर किंग आउट हुए लेकिन तब तक वह 66 गेंद पर 86 रन की धमाकेदार पारी खेल चुके थे। कल्लिस किंग और रिचर्ड्स की बल्लेबाजी ने मैच का पूरा समीकरण बदल कर रख दिया था।

फाइनल मैच में विवियन रिचर्डस ने अपनी टीम के लिए जो पारी खेली उसे आजतक वर्ल्ड कप की ऑलटाईम बेहतरीन पारीयों में शुमार किया जाता है। रिचर्डस ने किंग के आउट होने के बाद इंग्लैंड के गेंदबाजों की धुनाई करने की जिम्मेदारी अपने ऊपर ले ली और पारी की 52वें ओवर में शतक लगाकर वर्ल्ड कप 1979 के फाइनल में सभी क्रिकेट प्रेमियों का दिल जीत लिया। किंग के आउट होने के बाद वेस्टइंडीज के अंतिम के 4 विकेट केवल 48 रन पर गिर गए लेकिन रिचर्डस बिना धैर्य खोए बिना अंत तक वेस्टइंडीज टीम की पारी को संवारा और वेस्टइंडीज के स्कोर को 286 तक पहुंचाने में अहम किरदार निभाया। विवियन रिचर्ड्स ने नाबाद 138 रन बनाए जिसमें 11 चौके और 3 छक्के शामिल थे। 

इंग्लैंड की टीम जब वेस्टइंडीज के 286 रन के स्कोर का पीछा करने उतरी तो इंग्लैंड के सलामी बल्लेबाज माइक ब्रेअरले और बॉयकॉट ने मिलकर शानदार बल्लेबाजी करी और पहले विकेट के लिए शतकीय पार्टनरशिप कर इंग्लैंड की जीत की उम्मीद पैदा की जिससे वेस्टइंडीज कप्तान क्लाइव लॉयड के माथे पर चिंता की लकीरे साफ झलक रही थी। लेकिन वेस्टइंडीज के गेंदबाज माइकल होल्डिंग ने अपनी गेंदबाजी से माइक ब्रेअरले को किंग के हाथों कैच करा कर इंग्लैंड टीम को पहला झटका दिया। माइक 64 रन बनाकर आउट हुए, इसके बाद एक बार फिर होल्डिंग ने अपनी गेंदबाजी का शानदार मुजाएरा पेश करते हुए इंग्लैंड के दूसरे सलामी बल्लेबाज बॉयकॉट का विकेट भी अपने झोली में डालकर इंग्लैंड के ऊपर दबाव लाने में अहम भूमिका अदा करी। बॉयकॉट ने 57 रन की पारी खेली। 

2 विकेट 135 पर रन गिर जाने के बाद भी इंग्लैंड की पारी लक्ष्य की तरफ धीरे – धारे बढ़ने लगी और ग्राहम गूच ने डेरेन रान्डेल के साथ मिलकर इंग्लैंड की टीम का स्कोर 183 रन पर पहुंचा दिया। लेकिन तभी वेस्टइंडीज के गेंदबाज गार्नर ने गूच को आउट कर टीम वेस्टइंडीज को बड़ी सफलता दिलाई। 

इसके बाद गार्नर ने अपनी गेंदबाजी से ऐसा कहर बरपाया कि एक समय जहां इंग्लैंड का स्कोर 183 रन पर 3 विकेट था देखते ही देखते इंग्लैंड का बल्लेबाजी लड़खड़ा गया और बाकि के बचे 7 बल्लेबाज केवल 11 रन के अंदर ही आउट हो घई और इंग्लैंड की पूरी टीम केवल 194 रन पर आउट हो गई। 

इंग्लैंड की बल्लेबाजी की हवा निकालने वाले वेस्टइंडीज गेंदबाज जोएल गार्नर ने 11 ओवर में 38 रन देकर 5 बल्लेबाजों को आउट किया। इंगलैंड की पारी में 5 बल्लेबाज ऐसे रहे जिन्हें अपना खाता खोलने का भी मौका नहीं मिला ।

अचानक हुए इंग्लैंड के नाट्किय विकेट पतन के कारण वेस्टइंडीज ने इंग्लैंड को 92 रनों से मात दी औऱ दूसरी बार वर्ल्ड चैम्पियन बननें का गौरव प्राप्त हुआ। कल्लिस किंग,विवियन रिचर्ड्स और जॉएल गार्नर अपने बेहतरीन खेल के चलते इस मैच के नायक बने लेकिन नाबाद शतक लगाने वाले विवियन रिचर्ड्स को मैन ऑफ द मैच से नवाजा गया ।

विशाल भगत/CRICKETNMORE

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लेखक के बारे में

Saurabh Sharma
Saurabh Sharma is the Editorial Head of Cricketnmore Hindi and a passionate cricket journalist with over 14 years of experience in sports media. He began his journalism career with Navbharat Times, part of the Times of India Group, before moving to television media with Sadhna News. In 2014, he joined Cricketnmore and currently serves as the editor of the platform.
Known for his deep understanding of cricket statistics and unique storytelling approach, Saurabh specializes in cricket news, match analysis, records, and feature stories. Along with editorial responsibilities, he also works as a show producer for popular cricket video series such as Cricket Tales, Cricket Flashback, and Cricket Trivia. Read More
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