ODI Match: भारतीय क्रिकेट में मौजूदा दौर में ऋतुराज गायकवाड़ को एक सक्षम बल्लेबाज के तौर पर देखा जाता है। फॉर्मेट कोई भी हो, गायकवाड़ की खासियत मैच की स्थिति के मुताबिक खुद को ढाल कर बल्लेबाजी करने में है। इसके बावजूद उन्हें भारतीय टीम में जगह बनाने का इंतजार है।
दाएं हाथ के बल्लेबाज ऋतुराज गायकवाड़ का जन्म पुणे, महाराष्ट्र, में 31 जनवरी 1997 को हुआ था। 5 साल की उम्र में उन्होंने क्रिकेट खेलना शुरू किया था और हर गुजरते दिन के साथ उनका इस खेल के प्रति जुनून बढ़ता चला गया। 11 साल की उम्र में गायकवाड़ का दाखिला वेंगसरकर क्रिकेट एकेडमी में कराया गया। इस अकादमी ने गायकवाड़ में मौजूद बड़े क्रिकेटर को बाहर निकाला। कड़ी मेहनत करने वाले गायकवाड़ ने महाराष्ट्र की तरफ से अंडर-14 और अंडर-16 खेला था। वह महाराष्ट्र के लिए अंडर-19 भी खेल चुके हैं।
घरेलू क्रिकेट में महाराष्ट्र के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करने वाले ऋतुराज गायकवाड़ पर आईपीएल की सबसे सफल फ्रेंचाइजियों में से एक सीएसके की नजर पड़ी। दिसंबर 2018 में सीएसके ने गायकवाड़ को अपने साथ 20 लाख रुपये में जोड़ा था। इंजरी की वजह से गायकवाड़ 2019 का सेशन नहीं खेल सके। 2020 में गायकवाड़ ने 6 आईपीएल मैच खेले और 3 अर्धशतक लगाते हुए 204 रन बनाए। इन 6 मैचों में गायकवाड़ ने अपनी बल्लेबाजी से सीएसके मैनेजमेंट और खासतौर पर एमएस धोनी का भरोसा जीत लिया। 2021 सीजन से सीएसके ने गायकवाड़ को अपना नियमित ओपनर बना लिया।
2021 में गायकवाड़ ने 16 मैचों में 1 शतक और 4 अर्धशतक लगाते हुए 635 रन बनाए और टीम को चैंपियन बनाने में अहम भूमिका निभाई। इस प्रदर्शन के बाद उन्हें टीम के भविष्य के रूप में देखा जाने लगा। 2022 में 14 मैचों में 368 रन, 2023 में 16 मैचों में 590 रन, 2024 में 14 मैचों में 583 और 2025 में 5 मैचों में 122 रन गायकवाड़ के बल्ले से निकले। गायकवाड़ मौजूदा समय में संजू सैमसम के साथ टीम के सबसे महंगे खिलाड़ी (18 करोड़) हैं। टीम ने 2024 में उन्हें कप्तान भी नियुक्त कर दिया था।
सीएसके ने ऋतुराज गायकवाड़ को उनकी क्षमता को प्रदर्शित करने का बड़ा मौका दिया है। सीएसके के साथ गायकवाड़ की पारी भी बेहतरीन चल रही है, लेकिन सीएसके के साथ मिली सफलता को गायकवाड़ भारतीय टीम के लिए नहीं दोहरा सके हैं। इसकी वजह उन्हें भरपूर मौका न मिलना है।
28 जुलाई 2021 को टी20 और 6 अक्टूबर 2022 को वनडे में भारतीय टीम के लिए डेब्यू करने वाले गायकवाड़ को अब तक टेस्ट फॉर्मेट में डेब्यू का मौका नहीं मिला है। अब तक खेले 9 वनडे मैचों की 8 पारियों में 1 शतक और 1 अर्धशतक की बदौलत 228 रन और 23 टी20 मैचों की 20 पारियों में 1 शतक और 4 अर्धशतक की मदद से 633 रन उन्होंने बनाए हैं। गायकवाड़ की कप्तानी में भारतीय क्रिकेट टीम ने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक भी जीता है। गायकवाड़ ने अपनी आखिरी वनडे पारी में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शतक लगाया था, लेकिन न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज में उन्हें ड्रॉप कर दिया गया। उनके नाम पर तभी विचार होता है जब कोई खिलाड़ी इंजर्ड हो।
सीएसके ने ऋतुराज गायकवाड़ को उनकी क्षमता को प्रदर्शित करने का बड़ा मौका दिया है। सीएसके के साथ गायकवाड़ की पारी भी बेहतरीन चल रही है, लेकिन सीएसके के साथ मिली सफलता को गायकवाड़ भारतीय टीम के लिए नहीं दोहरा सके हैं। इसकी वजह उन्हें भरपूर मौका न मिलना है।
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घरेलू क्रिकेट और आईपीएल में प्रभावी प्रदर्शन के बावजूद और तीनों फॉर्मेट में दक्ष होने के बावजूद गायकवाड़ को भारतीय टीम में जगह बनाने का इंतजार है।