30 सितंबर, नई दिल्ली (Cricketnmore)। 2 अक्टूबर से शुरू वाली टी-20 सीरीज के लिए भारत और साउथ अफ्रीका की टीम ने कमर कस ली है। यह पहली बार है जब भारत अपनी धरती पर किसी देश के खिलाफ तीन टी-20 मैचों की सीरीज खेल रहा है। दोनों देशों के बीच कड़े मुकाबले की उम्मीद है लेकिन अगर पुराने रिकॉर्ड पर नजर डाली जाए तो भारत का पलड़ा ज्यादा भारी है। भारत औऱ साउथ अफ्रीका के बीच 8 टी-20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं जिसमें से साउथ अफ्रीका को 2 बार सफलता मिली है और भारत 6 बार विजयी रहा है। इस सीरीज में कई खिलाड़ी ऐसे हैं जिनके प्रदर्शन पर सभी की नजरें टिकी होगी और इनका प्रदर्शन सीरीज का परिणाम भी तय करेगा। आइए इन खिलाड़ियों पर डालते हैं एक नजर।


विराट कोहली बनाम एबी डिविलियर्स:

भारत के विराट कोहली ने अपनी बल्लेबाजी से पूरे वर्ल्ड क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बना ली है। आगामी सीरीज में विराट कोहली और साउथ अफ्रीका के धमाकेदार बल्लेबाज डिविलियर्स के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है। भारत के विराट कोहली की बात की जाए तो कोहली ने अब तक अपने करियर में 28 टी- ट्वंटी मैच खेलकर 9 हाफ सेंचुरी के सहारे कुल 972 रन बना लिए हैं। टी – ट्वंटी में कोहली का स्ट्राइक रेट 131.70 का है। जिससे एक बात को स्पष्ट है कि कोहली टी- ट्वंटी फॉर्मेंट में औऱ भी खतरनाक हो जाते हैं। कोहली भारत के तरफ से इस समय टी- ट्वंटी में सर्वाधिक रन बनानें वाले बल्लेबाज भी हैं।

एक तरफ जहां विराट कोहली टी- ट्वंटी में अपने खेल को और भी खतरनाक कर लेते हैं तो वहीं साउथ अफ्रीका के शानदार बल्लेबाज डिविलियर्स टी- ट्वंटी में कोहली से पीछे चल रहें हैं। हालांकि डिविलियर्स ने कोहली के मुकाबले ज्यादा रन बनाए हैं। डिविलियर्स ने अब तक 61 टी- ट्वंटी मैच में शिरकत करते हुए 1097 रन बनाए हैं जिसमें 5 हाफ सेंचुरी शामिल है। कोहली के मुकाबले स्ट्राइक रेट के तराजू पर डिविलियर्स यहां पीछे हैं। डिविलियर्स का स्ट्राइक रेट टी- ट्वंटी मैचों में 125.51 का रहा है। इससे एक बात तो साफ है कि कोहली की बल्लेबाजी टी- ट्वंटी में डिविलियर्स से अच्छी है। डिविलियर्स ने आखरी टी- ट्वंटी मैच 16 अगस्त 2015 को न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला था और उस मैच में 9 गेंद पर केवल 15 रन ही बना पाए थे। लेकिन ये मान बैठना कि एबी टी- ट्वंटी में कुछ खास नहीं कर पाएगें ये भारतीय टीम के लिए बेईमानी होगी।


महेंद्र सिंह धोनी बनाम फॉफ डू प्लेसिस

टी- ट्वंटी में दोनों कप्तानों की तुलना बल्लेबाजी में कि जाए तो तो धोनी से फॉफ डू प्लेसिस कहीं आगे नजर आ रहें हैं। एक तरफ जहां धोनी ने अपने 10 साल के टी- ट्वंटी करियर में कुल मिलाकर 50 मैच खेलकर 116.30 की स्ट्राइक रेट के साथ 849 रन जमाए हैं। सबसे खास बात ये रही है धोनी के साथ ये है कि उन्होंने अब तक एक भी हाफ सेंचुरी नहीं जमाए हैं।

लेकिन टी – ट्वंटी में भारत के लिए धोनी ने कई बार ऐन मौके पर अपनी बल्लेबाजी से भारत को जीत दिलाने में योगदान दिया है। 7 सितंबर 2014 को इंग्लैंड में इंग्लैंड के खिलाफ धोनी ने आखरी बार कोई इंटरनेशनल टी- ट्वंटी मैच खेला था। इस मैच में धोनी ने 18 गेंद पर 27 रनों की धमाकेदार पारी खेली थी। हालांकि एक साल के बाद धोनी इंटरनेशनल टी- ट्वंटी मैच खेलेगें लेकिन आईपीएल में धोनी अपना जौहर दिखाते आ रहें हैं। आईपीएल 2015 में धोनी ने 17 मैच में 121.96 की औसत के साथ 372 रन बनाए थे। इससे धोनी टी- ट्वंटी बल्लेबाजी में शानदार फॉर्मे में हैं।

अब बात करते हैं मेहमान कप्तान फॉफ डू प्लेसिस के टी- ट्वंटी करियर के बारे में। साउथ अफ्रीका के टी- ट्वंटी कप्तान फॉफ डू प्लेसिस ने अब तक 24 मैच में 135.75 की स्ट्राइक रेट के साथ 805 रन बनाए हैं। जिसमें 1 शतक और 6 हाफ सेंचुरी शामिल है। टी- टंवंटी में अपनी बल्लेबाजी में धोनी से फॉफ डू प्लेसिस काफी आगे नजर आ रहें हैं। इतना ही नहीं साउथ अफ्रीका के तरफ से टी- ट्वंटी इंटरनेशनल क्रिकेट में डू प्लेसिस सर्वाधिक रन बनानें के मामले में चौथे नंबर हैं। इससे एक बात को स्पष्ट है कि भारत के खिलाफ डू प्लेसिस का बल्ला टी- ट्वंटी में चला तो भारत के लिए काफी मुश्किलें खड़ी हो सकती है।


सुरेश रैना बनाम जेपी ड्यूमिनी

टी- ट्वंटी में अपने खेल से क्रिकेट प्रशंसकों का दिल जीतने में भारत के सुरेश रैना और साउथ अफ्रीका के जेपी ड्यूमिनी लगभग एक ही पायदान पर खड़े नजर आते हैं। एक तरफ जहां रैना ने अपने टी- ट्वंटी में 44 मैच खेलकर 135.47 की औसत के साथ 947 रन बनाएं हैं जिसमें 3 हाफ सेंचुरी औऱ 1 शतक जमाएं हैं। भारत के तरफ से टी- ट्वंटी में सर्वाधिक रन बनानें के मामले में रैना तीसरे नंबर हैं। तो इसके उलट साउथ अफ्रीका के जेपी ड्यूमिनी टी- ट्वंटी में साउथ अफ्रीका के लिए सर्वाधिक रन बनानें में सबसे आगे हैं। ड्यूमिनी ने अब तक 61 टी- ट्वंटी मैच में 1430 रन बनाएं हैं जिसमें 7 हाफ सेंचुरी शामिल है। ड्यूमिनी का स्ट्राइक रेट 121.80 का रहा है। इस मामलें में सुरेश रैना से ड्यूमिनी पीछे हैं लेकिन टी- ट्वंटी के आइडियल बल्लेबाजों में दोनों बल्लेबाज समान रसूख रखते हैं।


अजिंक्य रहाणे बनाम डेविड मिलर

टी- ट्वंटी फॉर्मेट में साउथ अफ्रीका के बायें हाथ के बल्लेबाज डेविड मिलर पर भी भारत के खिलाफ टी- ट्वंटी सीरीज में अच्छा परफॉर्मेंस करने का दबाव होगा। एक तरफ भारत के अजिंक्य रहाणे तो वहीं साउथ अफ्रीका के डेविड मिलर दोनों ही बल्लेबाजों के परफॉर्मेंस पर दोनों टीमों के की जीत और हार तय हो सकती है। भारत के रहाणे ने अबतक 13 टी- ट्वंटी मैच खेलकर 273 रन 116.17 के स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं जिसमें एक हाफ सेंचुरी शामिल है। तो वहीं विरोधी टीम के डेविड मिलर ने अबतक 35 टी- ट्वंटी मैच में 127.81 की औसत से 602 रन जमाए हैं। आईपीएल में खेलने का मिलर को सीरीज में जबरदस्त फायदा मिल सकता है। इस लिहाज से साउथ अफ्रीका के ये बल्लेबाज भी भारत को भारत में कड़ी चुनौतियां दे सकते हैं।


अश्विन बनाम इमरान ताहिर

टी- ट्वंटी मुकाबलों में भारत के ऑफ ब्रेक गेंदबाज अश्विन ने अब तक कमाल का खेल दिखाया है। अश्विन ने अबतक 26 मैच में 25 विकेट अपने नाम किए हैं। 7.32 के इकोनॉमी के साथ अश्विन ने टी- ट्वंटी में गेंदबाजी करी है। साउथ अफ्रीका के खिलाफ होने वाले टी- ट्वंटी में भी अश्विन स्पिन डिपॉर्टमेंट में भारत के लिए तुरुप का इक्का साबित हो सकते हैं।

साउथ अफ्रीका के इमरान ताहिर की गेंदबाजी भी भारत के पिचों पर कमाल कर सकती है। इमरान ताहिर ने अबतक 16 मैच में 25 विकेट चटका चुके हैं। टी- ट्वंटी में इमरान ताहिर का इकोनॉमी 6.22 का रहा है जो टी- ट्वंटी के लिए आइडिएल बॉलिंग औसत है। साउथ अफ्रीकी टीम के लिए इमरान ताहिर काफी मददगार साबित होगें इसमें कोई शक नहीं है।


कागिसो रबाडा बनाम भुवनेश्वर कुमार

साउथ अफ्रीका के तेज गेंदबाज कागिसो रबाडा ने साउथ अफ्रीकी टीम में कदम रखते ही अपने खेल से काफी प्रभावित किया है। इसका ही नतीजा है कि कागिसो रबाडा ने अबतक केवल 6 टी- ट्वंटी मैच में 8 विकेट चटका चुके हैं। कागिसो रबाडा के साथ सबसे खास बात ये है कि अपनी गेंदबाजी में तेज गति के साथ – साथ रबाडा ने सही लाइन और लैंथ के साथ गेंदबाजी करी है। आपको याद हो कि अपने पहले ही वनडे मैच मे कागिसो रबाडा ने बांग्लादेश के खिलाफ हैट्रिक लेकर अपने नाम की गुंज से पूरी दुनिया को अवगत करा दिया था। इसमें कोई शक नहीं है कि भारत की पिचों पर कागिसो रबाडा की गेंदबाजी से साउथ अफ्रीका को फायदा हो सकता है।

तो वहीं भारत के तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार ने अबतक टी- ट्वंटी मुकाबले में कुल 11 मैच खेलकर 13 विकेट चटका चुके हैं। भुवनेश्वर कुमार की सबसे खास बात ये रही है कि टी- ट्वंटी में भुवनेश्वर का इकोनॉमी रेट काफी अच्छा 6.17 का रहा है जो बेहद ही शानदार है। भारत के लिए बॉलिंग की शुरूआत करने वाले भुवनेश्वर कुमार पर एक बार फिर साउथ अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में भारतीय गेंदबाजी डिपार्टमेंट की जिम्मेदारी होगी।


विशाल भगत (CRICKETNMORE)

 

 

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लेखक के बारे में

Saurabh Sharma
An ardent cricket fan, Saurabh is covering cricket for last 12 years. He has started his professional journey with the Hindi publication, Navbharat Times (Times of India Group). Later on, he moved to TV (Sadhna News). In 2014, he joined Cricketnmore. Currently, he is serving as the editor of cricketnmore.com. His grasp on cricket statistics and ability to find an interesting angle in a news story make him a perfect fit for the online publishing business. He is also acting as a show producer for our ongoing video series - Cricket Tales, Cricket Flashback, & Cricket Trivia Read More
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