भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की मेजबानी मिली है। अहमदाबाद में आयोजित होने वाले इन खेलों में खिलाड़ी अपनी कड़ी मेहनत के साथ उतरने के लिए तैयारी में जुट गए हैं। सूरत में युवा शटलर और टेबल टेनिस खिलाड़ी कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 को लेकर काफी उत्साहित नजर आए।
राष्ट्रीय स्तर के टेबल टेनिस खिलाड़ियों को कोचिंग देने वाले वाहिद मालुभाई ने आईएएनएस से कहा, "अहमदाबाद में कॉमनवेल्थ गेम्स के आयोजन की घोषणा के बाद से ही खिलाड़ी ट्रेनिंग में जुट गए हैं। उन्हें कड़ी मेहनत करनी होगी। भारत को मेडल दिलाना गर्व की बात है। उम्मीद है कि इस कॉमनवेल्थ गेम्स में सूरत के हरमीत देसाई के साथ मानव ठक्कर, मानुष शाह, अंकुर भट्टाचार्य और पायस जैन जैसे खिलाड़ी सिंगल्स और डबल्स में भारत के लिए मेडल जीतेंगे। गुजराती खिलाड़ियों को होम कंडीशन का फायदा मिलेगा।"
बैडमिंटन खिलाड़ी दिव्यजा ने कहा, "हमारे गुजरात में पहली बार कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन होगा। इसे लेकर बेहद उत्साह का माहौल है। जिन मशहूर खिलाड़ियों को हमने आज तक सिर्फ टीवी में देखा है, अब हम उन्हें अपनी आंखों के आगे खेलते देख सकेंगे।"
टेबल टेनिस खिलाड़ी अयाज मुराद ने कहा, "अहमदाबाद में कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन गुजरात और पूरे देश के लिए गर्व की बात है। इससे काफी युवा खिलाड़ियों को अनुभव मिलेगा।"
टेबल टेनिस खिलाड़ी प्रहर्ष वाला ने कहा, "हमारे राज्य में इतने बड़े खेल का आयोजन हो रहा है। यह बेहद फख्र की बात है। सभी खिलाड़ी इसके लिए कड़ी मेहनत करेंगे। हम कोशिश करेंगे कि कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 में हिस्सा लें।"
टेबल टेनिस खिलाड़ी अयाज मुराद ने कहा, "अहमदाबाद में कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन गुजरात और पूरे देश के लिए गर्व की बात है। इससे काफी युवा खिलाड़ियों को अनुभव मिलेगा।"
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इससे पहले साल 2010 में भारत की राजधानी में कॉमनवेल्थ गेम्स का आयोजन हुआ था। कॉमनवेल्थ गेम्स 2030 की बोली में भारत का मुकाबला नाइजीरिया के अबुजा से था, लेकिन कॉमनवेल्थ स्पोर्ट ने अफ्रीकी देश को 2034 के एडिशन के लिए विचार में रखने का फैसला लिया।