अर्शदीप सिंह की गिनती भारतीय क्रिकेट टीम के प्रतिभाशाली बाएं हाथ के तेज गेंदबाजों में होती है, जिनकी पहचान डेथ ओवरों में सटीक यॉर्कर गेंदबाजी है। आईपीएल में शानदार प्रदर्शन करते हुए अर्शदीप ने टी20 और वनडे टीम में अपनी जगह मजबूत की और टी20 फॉर्मेट में विकेटों का शतक लगाने वाले पहले भारतीय पुरुष बने।
डेथ ओवरों में विपक्षी टीम के बल्लेबाजों को दबाव में रखने वाले अर्शदीप बाएं हाथ के कोण से गेंदबाजी करते हुए अधिक खतरनाक नजर आते हैं। गेंद को स्विंग कराने की क्षमता उन्हें पावरप्ले में विकेट दिलाने में मदद करती है। उनके पास यॉर्कर के अलावा, स्विंग भी है। तेज गति के मिश्रण के साथ वह अपनी गेंदबाजी को घातक बनाते हैं।
5 फरवरी 1999 को मध्य प्रदेश के गुना में जन्मे अर्शदीप ने चंडीगढ़ से स्कूली पढ़ाई की। इस बीच उन्हें क्रिकेट ने अपनी ओर आकर्षित किया। अर्शदीप 13 साल की उम्र से ही क्रिकेट खेल रहे हैं। साल 2015 में उन्होंने चंडीगढ़ स्थित जसवंत राय क्रिकेट एकेडमी में अपनी गेंदबाजी को निखारा। इसके बाद राज्य स्तर पर चमक बिखेरी।