क्या आपको 2021 की वह खबर याद है जब भारत के नए हेड कोच राहुल द्रविड़ ने शिव कुमार के ग्रीन पार्क स्टेडियम, कानपुर के ग्राउंड स्टाफ को न्यूजीलैंड के विरुद्ध पहले टेस्ट के लिए स्पोर्टिंग पिच तैयार करने के लिए 35000 रुपये इनाम में दिए थे? धीमी रोशनी और खराब होती पिच पर न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने भारतीय स्पिन अटैक को बड़ी हिम्मत से खेला और सम्मानजनक ड्रॉ हासिल किया था। ये ग्राउंड स्टाफ के काम की तारीफ़ में दिया इनाम था, न कि मददगार पिच बनाने के लिए।
शिव कुमार के ग्रीन पार्क ग्राउंड स्टाफ की कोशिश की सभी ने तारीफ की। ग्रीन पार्क में 5 साल बाद कोई टेस्ट मैच खेल रहे थे और स्टाफ ने इस दौरान (कोविड-19 के दौर समेत) पिचों को बेहतर स्थिति में रखा। ये कानपुर में ऐसा पहला टेस्ट था जो पांचवें दिन की आखिरी गेंद तक चला।
2008 में जब एमएस धोनी, पहली बार भारत के टेस्ट कप्तान थे तो यहां तीन दिन में (दक्षिण अफ्रीका के विरुद्ध) जीत गए थे। इसी से जुड़ी एक कम चर्चित खबर ये है कि टेस्ट के बाद धोनी ने शिव कुमार के ग्रीन पार्क स्टेडियम ग्राउंड स्टाफ को धन्यवाद के एक नोट के साथ 10000 रुपये का इनाम भेजा था। जब यह खबर मीडिया में आई तो मीडिया के एक बड़े हिस्से ने यूं दिखाया मानो धोनी और उनके साथियों ने ग्राउंड स्टाफ को दक्षिण अफ्रीका की बुरी हालत करने वाली पिच बनाने के लिए ये इनाम दिया है। शिव कुमार को इससे इतनी शर्मिंदगी हुई कि वे टेस्ट के बाद धोनी के बुलाने पर भी, उनसे न मिले।