टी20 फॉर्मेट मौजूदा समय में क्रिकेट का सबसे रोमांचक फॉर्मेट है। इस फॉर्मेट की लोकप्रियता लगातार बढ़ती जा रही है। दक्षिण अफ्रीका में 2007 में पहली बार टी20 विश्व कप आयोजित हुआ था और मौजूदा समय में भारत और श्रीलंका की मेजबानी में टी20 विश्व कप 2026 का आयोजन हो रहा है, जो विश्व कप का 10वां संस्करण है।
2007 से लेकर 2026 के बीच टी20 फॉर्मेट में असाधारण बदलाव आया है जिसने क्रिकेट के स्तर को पूरी तरह बदल कर रख दिया है। मौजूदा समय में जिस तरह की टी20 क्रिकेट खेली जा रही है, उसकी नींव 2007 में भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए मैच में ही रखी गई थी। भारत-इंग्लैंड के उस मैच ने दिखा दिया था कि टी20 का भविष्य कैसा होगा।
यह मैच 19 सितंबर 2007 को डरबन में खेला गया था। भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए 4 विकेट पर 218 रन बनाए थे। भारत की तरफ से सलामी बल्लेबाजों गौतम गंभीर और वीरेंद्र सहवाग ने अर्धशतक लगाया था और पहले विकेट के लिए 14.4 ओवर में 136 रन की साझेदारी की थी। गंभीर ने 41 गेंदों पर 58 और सहवाग ने 52 गेंदों पर 68 रन की पारी खेली थी, लेकिन असली रोमांच युवराज सिंह के बल्ले से आया था। युवराज ने महज 12 गेंदों पर अर्धशतक लगाते हुए 16 गेंदों पर 7 छक्कों और 3 चौकों की मदद से 58 रन की पारी खेली थी। इस दौरान स्टूअर्ट ब्रॉड के एक ही ओवर में युवराज सिंह ने लगातार 6 छक्के लगाए थे।