भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और क्रिकेट इतिहास के बेहतरीन बल्लेबाजों में शुमार किए जाने वाले राहुल द्रविड़ को 'द वॉल' के नाम से जाना जाता है। 'द वॉल' राहुल द्रविड़ के लिए सिर्फ एक उपाधि की तरह नहीं है बल्कि अपने पूरे करियर के दौरान बतौर बल्लेबाज जिस समर्पण और धैर्य का प्रदर्शन उन्होंने किया उसके परिणामस्वरूप मिलने वाले पुरस्कार की तरह है, जो उनके साथ हमेशा जुड़ा रहेगा।
अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में लगातार अपनी जीवटता का प्रदर्शन करते हुए राहुल द्रविड़ ने 'द वॉल' का उपनाम हासिल किया है। इसकी शुरुआत युवावस्था से ही हो गई थी। इससे जुड़ी एक बेहद दिलचस्प कहानी राहुल द्रविड़ के एक मित्र ने बहुत पहले अपने लिंक्डिन पर साझा की थी।
उनके मित्र ने लिखा था, "राहुल कभी नियमित रूप से क्लास में नहीं आते थे। उन्हें हमेशा नेट्स में अभ्यास करते देखा जाता था। एक दिन वह क्लास में आया और ग्लव्स पहनकर नोट्स लिखने लगा। उसे ग्लव्स पहनकर लिखते देखकर हमें अजीब लग रहा था। मुझे नहीं पता कि उसे कैसा लगा होगा। सब हंस रहे थे, बातें कर रहे थे, फुसफुसा रहे थे, राहुल पूरे एक घंटे तक लिखता रहा। एक घंटा खत्म होने के बाद, राहुल द्रविड़ मेरे पास आए और कहा, "क्या मैं आपके अकाउंट्स के नोट्स ले सकता हूं क्योंकि एग्जाम पास आ रहे हैं और मैंने ज्यादा नोट्स नहीं लिखे हैं? क्या मैं इसे ले सकता हूं और इसकी जेरॉक्स करके आपको वापस दे दूंगा?"