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Sarfaraz Khan: 'कोच ने भी किया सरफराज को सलाम', 25 साल के खिलाड़ी ने टूट कर भी तोड़ दिया गेंदबाज़ों का गुरूर; देखें VIDEO

सरफराज खान ने एक ओर शतक ठोककर भारतीय टीम का दरवाजा खटखटाया है। बता दें कि इंडियन टीम में सेलेक्शन ना होने के कारण यह युवा खिलाड़ी काफी दुखी था।

Nishant Rawat
By Nishant Rawat January 17, 2023 • 17:04 PM

Sarfaraz Khan Century: 25 वर्षीय सरफराज खान (Sarfaraz Khan) रन मशीन बने हुए हैं। मंगलवार (17 जनवरी) को दिल्ली में खेले जा रहे रणजी ट्रॉफी (Ranji Trophy) के मुकाबले में भी यही देखने को मिला। यह मैच मुंबई (Mumbai) और दिल्ली (Delhi) के बीच खेला जा रहा है जहां मुकाबले के पहले दिन सरफराज खान ने 155 गेंदों पर 125 रन जड़कर एक बार फिर अपनी काबिलियत का सबूत दुनिया के सामने रख दिया है। सरफराज के शतक के बाद मुंबई टीम के कोच अमोल मजूमदार (Amol Muzumdar) भी खुद को रोक नहीं सके और उन्होंने खड़े होकर युवा खिलाड़ी को सलाम किया।

जी हां, मुंबई के कोच अमोल मजूदमान सरफराज के शतक के बाद अपनी कुर्सी पर बैठ नहीं सके और खड़े होकर इस युवा बल्लेबाज़ के लिए अपनी टोपी उतारकर सम्मान करते कैमरे में कैद हुए। बता दें कि बीते लंबे समय में सरफराज ने रनों का अंबार लगाया है, लेकिन इसके बावजूद उन्हें भारतीय चयनकर्ता लगातार इग्नोर करके दूसरे खिलाड़ियों को टेस्ट क्रिकेट में मौका दे रहे हैं।

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हाल ही में भारतीय चयनकर्ताओं ने भारत ऑस्ट्रेलिया के बीच होने वाली टेस्ट सीरीज (बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी) के लिए टीम का ऐलान किया था। इस टीम में सूर्यकुमार यादव और ईशान किशन का नाम शामिल किया गया, लेकिन यहां सरफराज को टीम में जगह नहीं मिली। यही वजह है सोशल मीडिया पर फैंस चयनकर्ताओं पर काफी भड़के थे। इस घटना के बाद सरफराज ने भी अपना दिल खोला था और खुलासा करते हुए यह बताया था कि वह लगातार रन बनाने के बावजूद टीम में ना चुने जाने से निराश हैं और काफी हद तक टूट चुके हैं।

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बता दें कि फर्स्ट क्लास करियर में सरफराज के अब तक 53 इनिंग में 3380 रन बनाए हैं। सरफराज अब तक 12 शतक और 9 अर्धशतक ठोके चुके हैं। उनका औसत 80.48 का रहा है, वहीं उनका सर्वाधिक स्कोर भी 301 रन है। यह आंकड़े इस खिलाड़ी की काबिलियत और फॉर्म को दर्शा रहे हैं। गौरतलब यह भी है कि सरफराज के कोच यानी अमोल मजूमदार काफी हद तक उनका दुख समझते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि अमोल मजूमदार ने भी रणजी में रनों का अंबार लगाया, हालांकि इसके बावजूद उन्हें इंडियन टेस्ट टीम में खेलने का मौका नहीं मिला।