Advertisement
Advertisement

क्या बीसीसीआई प्रेजिडेंट बनेंगे सचिन तेंदुलकर? सुन लीजिए मास्टर-ब्लास्टर का जवाब

मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर ने बेशक क्रिकेट से कई साल पहले संन्यास ले लिया हो लेकिन फैंस अभी भी उन्हें उतना ही प्यार करते हैं। इतना ही नहीं फैंस उन्हें बीसीसीआई में भी देखना चाहते हैं लेकिन क्या सचिन ऐसा

Shubham Yadav
By Shubham Yadav March 18, 2023 • 12:58 PM
Cricket Image for क्या बीसीसीआई प्रेजिडेंट बनेंगे सचिन तेंदुलकर? सुन लीजिए मास्टर-ब्लास्टर का जवाब
Cricket Image for क्या बीसीसीआई प्रेजिडेंट बनेंगे सचिन तेंदुलकर? सुन लीजिए मास्टर-ब्लास्टर का जवाब (Image Source: Google)
Advertisement

Sachin Tendulkar: भारत के महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने बेशक कई साल पहले क्रिकेट को अलविदा कह दिया हो लेकिन फैंस के दिलों में उनके लिए प्यार और इज्जत आज भी उतनी ही है जितनी उनके खेल के दिनों में होती थी। सौरव गांगुली के बाद राहुल द्रविड़ और वीवीएस लक्ष्मण जैसे दिग्गज किसी ना किसी तरीके भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड से जुड़े हुए हैं लेकिन सचिन तेंदुलकर फिलहाल बीसीसीआई के किसी पद पर नहीं हैं। 

हर भारतीय फैन चाहता है कि सचिन भी बीसीसीआई प्रेज़िडेंट बनें लेकिन क्या सचिन भी ऐसा चाहते हैं? इस सवाल का जवाब किसी और ने नहीं बल्कि खुद सचिन तेंदुलकर ने दिया है। हाल ही में इंडिया टूडे कॉनक्लेव के दौरान जब उनसे पूछा गया कि क्या सौरव गांगुली और रोजर बिन्नी के बाद उन्हें भी बीसीसीआई प्रेसीडेंट के रूप में देखा जा सकता है तो उन्होंने बहुत ही मजेदार जवाब देते हुए कहा कि वो रोजर बिन्नी या सौरव गांगुली की तरह तेज गेंदबाज नहीं हैं।

Trending


इशारों-इशारों में सचिन ये कहना चाहते थे कि वो बीसीसीआई प्रेसीडेंट नहीं बनना चाहते हैं। सचिन ने इस सवाल का जवाब देते हुए कहा, ' जब दादा (सौरव गांंगुली) खेला करता था तो वो अपने दिनों में एक-दो विकेट चटकाने के बाद मुझसे कहता था कि मैं 140 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गेंद डाल सकता हूं। उसकी इस बात पर मैंने कहा कि ठीक है सौरव। इसके बाद उसने खूब मेहनत की लेकिन नतीजा क्या निकला कि वे दो दिन बाद ही कमर पकड़कर बैठ गए। सचिन ने मुस्कुराते हुए कहा कि मैं 140 की स्पीड से बॉलिंग नहीं कर सकता हूं।'

Also Read: IPL के अनसुने किस्से

इसके अलावा सचिन ने भज्जी को लेकर भी एक किस्सा सुनाया और वनडे क्रिकेट में सुधार लाने के लिए भी अपनी राय दे गए। सचिन ने कहा है कि हमें वनडे क्रिकेट को थोड़ा और बढ़ावा देने के लिए जरूरी बदलाव करने चाहिए क्योंकि जिस तरह से हमने टेस्ट क्रिकेट में लोगों का रूझान पैदा करने के लिए डे-नाइट टेस्ट शुरू किया है वैसे ही वनडे क्रिकेट के प्रति लोगों की रूचि बढ़ाने के लिए कदम उठाने होंगे।

Advertisement

Cricket Scorecard

Advertisement
Advertisement