Commonwealth Games: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का रविवार को शानदार क्लोजिंग सेरेमनी के साथ समापन हुआ। स्कॉटलैंड के ग्लासगो में आयोजित हुए गेम्स में भारत का प्रदर्शन यादगार रहा। रेसलिंग, बैडमिंटन और हॉकी जैसे महत्वपूर्ण खेलों की गैरमौजूदगी के बावजूद भी भारत की झोली में कुल 39 मेडल आए। आइए आपको बताते हैं किन 5 वजहों से देश के लिए यादगार रहा इस बार का कॉमनवेल्थ गेम्स।
भारतीय मुक्केबाजों का जलवा: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय मुक्केबाजों का प्रदर्शन यादगार रहा। भारत ने इस खेल में कुल 10 मेडल जीते, जिसमें 7 गोल्ड मेडल शामिल रहे। यह पहला मौका रहा जब मुक्केबाजी में भारत की झोली में 7 गोल्ड मेडल आए। खासतौर पर भारत की बेटियों ने ग्लासगो में आयोजित हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में 'गोल्डन पंच' लगाया। महिला मुक्केबाजों ने 5 गोल्ड और एक सिल्वर जीता, जबकि पुरुष मुक्केबाजों ने 2 गोल्ड और 2 सिल्वर अपने नाम किए।
जूडो में ऐतिहासिक गोल्ड: भारत का प्रदर्शन जूडो में भी इस बार यादगार रहा। पहली बार भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में इस खेल में गोल्ड मेडल जीता। अस्मिता डे के साथ-साथ हर्ष सिंह ने भी गोल्ड मेडल को अपने नाम किया। वहीं, कुल मिलाकर जूडो में भारत ने इस बार 4 मेडल पर कब्जा जमाया। यामिनी मौर्य ने सिल्वर और उन्नति शर्मा ने ब्रॉन्ज मेडल जीता।