नेताजी सुभाष राष्ट्रीय खेल संस्थान (एनएसएनआईएस) में शुक्रवार को आयोजित 'ग्रासरूट टू ग्रेटनेस: टैलेंट आइडेंटिफिकेशन एंड एथलीट डेवलपमेंट' शीर्षक वाले दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने वाले अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों और शिक्षाविदों ने इस बात पर स्पष्ट रूप से जोर दिया कि भारत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 2047 तक दुनिया के शीर्ष 5 खेल राष्ट्रों में शामिल होने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षकों को विकसित करने की आवश्यकता है।
इस पहल के बारे में बात करते हुए केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने कहा, “खेल उत्कृष्टता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को जारी रखते हुए, हम 'ग्रासरूट टू ग्रेटनेस - टैलेंट आइडेंटिफिकेशन एंड एथलीट डेवलपमेंट' विषय पर दूसरे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन की मेजबानी करने पर गर्व महसूस करते हैं। भारत का लक्ष्य वैश्विक खेल शक्ति बनना है। खेलो इंडिया जैसी पहल युवा एथलीटों के लिए नए रास्ते बना रही हैं। हमारा ध्यान जमीनी स्तर के विकास, खेल अवसंरचना और एथलीटों की सफलता के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग पर है। यह सम्मेलन प्रतिभा पहचान, एलटीएडी (टैलेंट आइडेंटिफिकेशन एंड एथलीट डेवलपमेंट) और खेल विज्ञान के एकीकरण में सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने के लिए वैश्विक विशेषज्ञों को एक साथ लाता है।”
एनएसएनआईएस, पटियाला, भारतीय खेल प्राधिकरण (एसएआई) के अंतर्गत खेल प्रशिक्षण और खेल विज्ञान शिक्षा का सर्वोच्च राष्ट्रीय संस्थान है। इस सम्मेलन में 600 से अधिक इच्छुक प्रशिक्षकों, प्रख्यात खिलाड़ियों, खेल वैज्ञानिकों, प्रशासकों, शिक्षाविदों और छात्रों के साथ-साथ 30 से अधिक ख्यातिप्राप्त राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने भाग लिया, जिससे यह देश में खेल विकास के क्षेत्र में ज्ञान साझा करने वाले सबसे बड़े मंचों में से एक बन गया।