SUMMER YOUTH OLYMPIC GAMES: 'रोलर स्पीड स्केटिंग' ने एक तेज और रोमांचक खेल के रूप में अपनी पहचान बनाई है, जिसमें एथलीट्स रोलर स्केट्स पहनकर ट्रैक या सड़क पर तेज गति से दौड़ लगाते हैं। इस दौरान कुछ एथलीट्स 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार को भी छू लेते हैं। संतुलन, सहनशक्ति, तकनीक और रणनीति के इस खेल ने यूथ ओलंपिक में भी अपनी चमक बिखेरी है।
1760 के दशक में जॉन जोसेफ मर्लिन ने पहला रोलर स्केट्स बनाया। धातु के पहियों के बावजूद यह अधिक टिकाऊ नहीं था। करीब 100 साल बाद जेम्स प्लिम्प्टन ने चार पहियों वाला एक डिजाइन बनाया, जिससे स्केटिंग को नियंत्रित करना आसान था। धीरे-धीरे इस खेल ने यूरोप और अमेरिका में लोकप्रियता हासिल कर ली। 1880 के दशक में अमेरिका में रोलर रिंक खुलने शुरू हुए, जिसमें एथलीट्स रोलर स्केट्स पहनकर स्केटिंग करते।
साल 1937 में पहली आधिकारिक रोलर स्पीड स्केटिंग चैंपियनशिप का आयोजन इटली में हुआ। अगले साल लंदन में ट्रैक रोलर स्पीड स्केटिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप आयोजित हुई। 1950-1970 के बीच स्केट्स में सुधार किया गया। अब इसमें पहियों के लिए प्लास्टिक और अखरोट के छिलके जैसी सामग्रियों का इस्तेमाल शुरू हुआ, जिससे पकड़ और चिकनाई में सुधार हुआ।