प्रो रेसलिंग लीग (पीडब्ल्यूएल) 2026 की ट्रॉफी के पीछे की सोच और उसके प्रतीकात्मक महत्व को समझाते हुए चेयरमैन दयान फारूकी ने इसके डिजाइन और उससे जुड़े विचारों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ट्रॉफी को लीग की भावना और पहलवानों के संघर्ष से जोड़ने के मकसद से इसे खास तौर पर डिजाइन किया गया है, और इसके निर्माण की पूरी प्रक्रिया इसी सोच को ध्यान में रखकर की गई।
पीडब्ल्यूएल 2026 की शुरुआत 15 जनवरी को हुई थी, जिसका ग्रैंड फिनाले 1 फरवरी को होना है, जो छह साल के ब्रेक के बाद लीग की वापसी का प्रतीक है।
फारूकी ने आईएएनएस को बताया, “ट्रॉफी के पीछे की कहानी दिखाती है कि हमने लीग की छोटी से छोटी डिटेल पर भी कितना ध्यान दिया है। इसमें हिस्सा लेने वाली सभी छह टीमों के अखाड़ों और राज्यों से, हमारी टीम ने जाकर मिट्टी इकट्ठा की है, जिसे ट्रॉफी में लगाया गया है। हम यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि ट्रॉफी देश की मिट्टी से जुड़ी रहे। हमने साइड में भगवान हनुमान की गदा को दिखाने वाले एलिमेंट भी जोड़े हैं। इस पर बहुत सोचा गया है- ट्रॉफी को बहुत ध्यान से डिजाइन किया गया है।"