X close
X close

युवा विश्व मुक्केबाजी: सात भारतीय मुक्केबाज फाइनल में

युवा भारतीय मुक्केबाजों का दबदबा आईबीए यूथ मेंस एंड विमेंस वल्र्ड बॉक्सिंग चैम्पियनशिप 2022 में जारी है, क्योंकि सात भारतीयों ने स्पेन के ला नुसिया में चल रहे इस टूर्नामेंट में शानदार जीत दर्ज करके फाइनल में प्रवेश कर लिया है।

IANS News
By IANS News November 24, 2022 • 18:10 PM
Youth World Boxing: Seven Indians roar into finals; four settle for bronze medals.(Photo:Boxing Fede
Image Source: IANS

युवा भारतीय मुक्केबाजों का दबदबा आईबीए यूथ मेंस एंड विमेंस वल्र्ड बॉक्सिंग चैम्पियनशिप 2022 में जारी है, क्योंकि सात भारतीयों ने स्पेन के ला नुसिया में चल रहे इस टूर्नामेंट में शानदार जीत दर्ज करके फाइनल में प्रवेश कर लिया है।

युवा एशियन चैम्पियन वंशज और विश्वनाथ सुरेश, आशीष के साथ पुरुषों के सेमीफाइनल में भारत के लिए ऑल-विन रिकॉर्ड बनाए रखते हुए आगे बढ़े जबकि महिलाओं के वर्ग में कीर्ति (प्लस 81 किग्रा), भावना शर्मा (48 किग्रा), देविका घोरपड़े (52 किग्रा) और रवीना (63 किग्रा) का बढ़ाव जारी है।

सेमीफाइनल मुकाबलों में चेन्नई के विश्वनाथ ने प्यूटरे रिको के जुआनमा लोपेज पर 4-1 से जीत दर्ज की। हरियाणा के वंशज ने 63.5 किग्रा भारवर्ग में संयुक्त राज्य अमेरिका के डेशॉन क्रोक्लेम को 3-2 से पराजित किया। हरियाणा के आशीष ने 54 किग्रा भारवर्ग में उज्बेकिस्तान के खुजनाजार नॉटोर्जीव के खिलाफ 4-3 से जीत दर्ज की।

दूसरी ओर, महिला वर्ग में कीर्ति को कजाकिस्तान की असेल टोकटासिन पर 3-2 से जीत के लिए संघर्ष करना पड़ा जबकि अन्य भारतीय मुक्केबाजों ने आसानी से अपने सेमीफाइनल बाउट जीते।

रवीना और भावना ने सर्वसम्मत निर्णय से अपने कजाक मुक्केबाजों असेम तनातर और गुलनाज बुरीबायेवा को पछाड़ दिया। महाराष्ट्र की देविका ने अमेरिका की अमीदाह जॉय को 4-1 के अंतर से आसानी से हराया।

इस बीच, चार अन्य भारतीय महिला मुक्केबाजों तमन्ना (50 किग्रा), कुंजरानी देवी थोंगम (60 किग्रा), मुस्कान (75 किग्रा) और लशु यादव (70 किग्रा) को अपने-अपने सेमीफाइनल में हार के बाद कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा।

भारतीय मुक्केबाजों ने इस प्रतिष्ठित चैम्पियनशिप में अपना वर्चस्व फिर से कायम किया है क्योंकि 17 क्वार्टर फाइनलिस्ट में से 11 ने अपने पदक पक्के किए हैं। यह संख्या स्पेन में चल रहे इस संस्करण में किसी भी अन्य देश से सबसे ज्यादा है, जिसमें 73 देशों के करीब 600 मुक्केबाजों ने भाग लिया है।

उज्बेकिस्तान 10 पदकों के साथ दूसरे स्थान पर है जबकि आयरलैंड और कजाकिस्तान सात-सात पदकों के साथ संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर हैं।

महिला वर्ग में भारत का दबदबा टूर्नामेंट का एक और आकर्षण रहा है क्योंकि आठ मुक्केबाज पदक पक्के कर चुकीं हैं जो किसी भी अन्य देश के लिए सबसे अधिक हैं। भारत के बाद कजाकिस्तान (5) और उज्बेकिस्तान (4) हैं।

भावना, देविका तीन भारतीय पुरुष मुक्केबाजों के साथ शुक्रवार को स्वर्ण के लिए भिड़ेंगी जबकि अन्य शनिवार को फाइनल में उतरेंगे।

महिला वर्ग में भारत का दबदबा टूर्नामेंट का एक और आकर्षण रहा है क्योंकि आठ मुक्केबाज पदक पक्के कर चुकीं हैं जो किसी भी अन्य देश के लिए सबसे अधिक हैं। भारत के बाद कजाकिस्तान (5) और उज्बेकिस्तान (4) हैं।

Also Read: क्रिकेट के अनोखे किस्से

This story has not been edited by Cricketnmore staff and is auto-generated from a syndicated feed