कोलंबो, 16 मार्च (CRICKETNMORE)| बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल (आईसीसी) के प्रस्तावित नए संविधान के दो प्रस्तावों पर आपत्ति जताई है। वेबसाइट 'ईएसपीएनक्रिकइन्फो डॉट कॉम' की रिपोर्ट के अनुसार, बीसीबी समेत सात सदस्यों ने आईसीसी की पिछले माह हुई बैठक में इन नए संविधान पर सहमति जताई थी।

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पिछले माह हुई बैठक में आईसीसी के नए संविधान को 7-2 के मत से पास किया गया था, लेकिन इसे लागू किए जाने के लिए आठ सदस्यों की सहमति की जरूरत है। अब बांग्लादेश की आपत्तियों के बाद आठ सदस्यों की सहमति मुश्किल लग रही है।

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आईसीसी के नए संविधान पर अंतिम फैसला काउंसिल की अगले माह होने वाली बैठक में लिया जाएगा।

बीसीबी के अध्यक्ष नजमुल हसन ने कोलंबो में कहा कि बांग्लादेश बोर्ड ने जिन दो प्रस्तावों पर आपत्ति जताई है, उनमें से एक प्रस्ताव में कहा गया है कि आईसीसी में एक देश की पूर्ण सदस्यता की समीक्षा होनी चाहिए। हसन यहां बांग्लादेश के सौवें टेस्ट मैच को देखने आए हुए हैं। बांग्लादेश का मुकाबला श्रीलंका से हो रहा है।

इसके अलावा, बीसीबी ने आईसीसी द्वारा प्रस्तावित मतदान प्रणाली में बदलाव पर भी आपत्ति जताई है, जो पूर्ण सदस्य बोडरें की शक्ति को विकेंद्रीकृत करेगा।

हसन ने कहा, "हमने आईसीसी को सूचना दी कि हमें कुछ चीजों पर आपत्ति है। हम पूर्ण सदस्यता की समीक्षा से सहमत नहीं हैं। पूर्ण सदस्यता के स्तर में बदलाव नहीं किया जाना चाहिए।"

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बीसीबी अध्यक्ष ने कहा कि दूसरा प्रस्ताव, जिस पर बोर्ड आपत्ति जता रहा है, वह मतदान प्रणाली है। उन्होंने कहा, " वे नए स्वतंत्र निदेशकों को ला रहे हैं, संबद्ध सदस्यों की संख्या बढ़ा रहे हैं और वेटेज वितरण में भी बदलाव हो रहा है। हमें इस सभी को समझना होगा। इसलिए, हम इसे इतनी जल्दी सहमति नहीं दे सकते। हमें इस संबंध में बांग्लादेश की स्थिति को समझना होगा।"

आईसीसी के नए संशोधन में बीसीबी ने वित्तीय सुधारों पर आपत्ति नहीं जताई है। उसका कहना है कि भारत, इंग्लैंड, आस्ट्रेलिया को अधिक अंश देने वाले प्रावधान खत्म करना अन्य सदस्यों के लिए लाभदायक होगा। हसन का कहना है कि अगले माह होने वाली बैठक में वह देख-परख कर मतदान करेंगे।

 

लेखक के बारे में

Saurabh Sharma
An ardent cricket fan, Saurabh is covering cricket for last 12 years. He has started his professional journey with the Hindi publication, Navbharat Times (Times of India Group). Later on, he moved to TV (Sadhna News). In 2014, he joined Cricketnmore. Currently, he is serving as the editor of cricketnmore.com. His grasp on cricket statistics and ability to find an interesting angle in a news story make him a perfect fit for the online publishing business. He is also acting as a show producer for our ongoing video series - Cricket Tales, Cricket Flashback, & Cricket Trivia Read More
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