भारत के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी भारत के लिए इंटरनेशनल क्रिकेट में डेब्यू के बाद टीम के नियामिय सदस्य रहे हैं। उन्होंने भारत के लिए तीनो फॉर्मेट में खेलकर अपनी उपयोगिता साबित की है। आज वो अपना 28 वां जन्मदिन मना रहे हैं,ऐसे में आइये आज जानते है उनसे जुड़ी कुछ खास बातें ।

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पूरा नाम व जन्मस्थल-

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मोहम्मद शमी का जन्म 3 सितंबर साल 1990 को उत्तर प्रदेश के अमरोहा में हुआ। उनका पूरा नाम मोहम्मद शमी अहमद है। शमी के पिता एक किसान हैं और उन्हें भी कभी तेज गेंदबाज बनने का शौक था लेकिन वो गेंदबाजी में ज्यादा आगे बढ़ नहीं सके। आखिरकर शमी का भारत के तरफ से खेलने के साथ ही उनके पिताजी का भी सपना पूरा हुआ।

उत्तरप्रदेश से कोलकाता तक का सफर

शमी के पिता तौसीफ अली उनको महज 15 साल की उम्र में अमरोहा से 22 किलोमीटर दूर मोरादाबाद ले गए जहाँ शमी अपने पहले क्रिकेट कोच बदरुद्दीन सिद्दीकी से मिले। बदरुद्दीन तब शमी की प्रतिभा से बेहद प्रभावित हुए और उन्होंने शमी को साल 2005 में कोलकाता ले जाने की सलाह दी ताकि शमी खुद की प्रतिभा को और निखार सके।

कोलकाता जाने के बाद गेंदबाजी और ज़िन्दगी दोनों में आया सुधार

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जब शमी कोलकाता पहुँचे तब उनकी मुलाकात  टाउन क्रिकेट क्लब के कोच देब्रत दास से हुई। वो शमी की गेंदबाजी प्रतिभा से बेहद प्रभावित हुए और उन्होंने उनको अपने क्रिकेट क्लब में 75000 रुपये के कॉन्ट्रैक्ट पर साइन किया। तब शमी के पास रहने के लिए खुद का घर नहीं था लेकिन क्लब से जुड़ने के बाद उनकी ज़िंदगी में भी कुछ सुधार आया।

देब्रत दास ने शमी के लिए खोली इंटरनेशनल क्रिकेट की राह

जब शमी का चयन बंगाल के अंडर-22 टीम में नहीं हुआ था तब देब्रत दास बंगाल क्रिकेट संघ के चयनकर्ता थे। संरबन बनर्जी से शमी के लिए सिफारिश की जिसके बाद वो बंगाल अंडर-22 टीम में चुने गए।

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गांगुली ने शमी के लिए कही थी ये बात

देब्रत दास ने एक इंटरव्यू के दौरान कहा था कि शमी कभी भी पैसों के पीछे नहीं भागे बल्कि वो हमेशा क्रिकेट खेलने की चाह रखते थे। दास ने जब शमी को मोहन बगान क्रिकेट क्लब की ओर से खेलने को भेजा तब उन्हें वहाँ भारत के महान क्रिकेटर सौरव गांगुली के सामने गेंदबाजी करने का मौका दिया गया। गांगुली शमी की गेंदबाजी से बेहद प्रभावित हुए और उन्होंने टीम मैनेजमेंट से कहा कि इस गेंदबाज का खास ख्याल रखा जाए।

इंटरनेशनल डेब्यू में किया कमाल

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साल 2013 में शमी ने पाकिस्तान के विरुद्ध फ़िरोज़ शाह कोटला दिल्ली के मैदान पर अपना वनडे डेब्यू किया। शमी ने मैच में किफायती गेंदबाजी करते हुए 9 ओवरों में 23 रन देते हुए 1 विकेट हासिल की थी।

यह उपलब्धि हासिल करने वाले तीसरे सबसे तेज गेंदबाज

 साल 2014 के एशिया कप में मोहम्मद शमी ने अफगानिस्तान के खिलाफ हुए मैच में 2 विकेट हासिल किए और भारत की तरफ से वनडे मैचों में 50 विकेट चटकाने वाले तीसरे सबसे तेज गेंदबाज बने।

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 टेस्ट डेब्यू में बनाया यह रिकॉर्ड

मोहम्मद शमी ने साल 2013 में वेस्टइंडीज के खिलाफ कोलकाता के मैदान पर अपना टेस्ट डेब्यू किया। उनके लिए वो टेस्ट किसी सपने से कम नहीं रहा। पहली पारी में उन्होंने 71 रन देते हुए 4 विकेट चटकाए तो वहीं दूसरी पारी में 47 रन देकर 5 विकेट हासिल किए। मैच में शमी ने कुल 9 विकेट निकलते हुए भारत की तरफ से टेस्ट डेब्यू में बतौर तेज गेंदबाज शानदार गेंदबाजी प्रर्दशन करने का रिकॉर्ड बनाया। उससे पहले यह रिकॉर्ड तेज गेंदबाज मुनाफ पटेल के नाम था जिन्होंने अपने डेब्यू मैच में कुल 6 विकेट हासिल किए थे।

2015 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया के हीरो 

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साल 2015 वर्ल्ड कप में मोहम्मद शमी की बेहतरीन गेंदबाजी की बदौलत भारत ने सेमीफाइनल तक का सफर तय किया। सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के हाथों हार कर बाहर होने से पहले उन्होंने 8 मैच खेलते हुए 4.08 की इकॉनॉमी से कुल 17 विकेट चटकाए थे।

नाम को लेकर हुआ था चर्चा

शमी ने बतौर "शमी अहमद" के नाम से अपना इंटरनेशनल डेब्यू किया लेकिन जब उन्होंने वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट में डेब्यू किया तब उन्होंने बताया कि उनका नाम "मोहम्मद शमी" है नाकि "शमी अहमद"

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लेखक के बारे में

Vishal Bhagat
Vishal Bhagat - A cricket lover, Vishal is covering cricket for the last 5 years and has worked with the Dainik Bhaskar group in the past. He keeps a sharp eye on the record being made in the cricket world and takes no time to present it to the viewers in the form of articles. Read More
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