World Cup Semi: ऑस्ट्रेलियाई महिला क्रिकेट टीम की लेग-स्पिनर अलाना किंग ने वेस्टइंडीज के खिलाफ टी20 सीरीज के पहले मैच में महज 14 रन देकर 3 विकेट हासिल किए। 19 मार्च को सेंट विंसेंट में इस शानदार प्रदर्शन ने आईसीसी विमेंस टी20 वर्ल्ड कप के लिए उनकी दावेदारी मजबूत कर दी है।
करीब एक साल बाद अपना पहला टी20 मैच खेल रहीं अलाना ने शानदार प्रदर्शन के साथ चयनकर्ताओं को अपनी काबिलियत की याद दिलाई है। ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर्स के बीच मुकाबला काफी कड़ा है, जिसमें कप्तान सोफी मोलिनक्स और जॉर्जिया वेयरहैम भी दावेदार हैं। लेकिन अलाना ने कहा कि ऑस्ट्रेलियाई टीम में जगह बनाने की अपनी संभावनाओं को लेकर वह यथार्थवादी होने के साथ-साथ आशावादी भी हैं।
आईसीसी ने शनिवार को अलाना के हवाले से कहा, "मुझे बहुत अच्छा लगेगा (अगर चार स्पिनर हों), लेकिन मुझे नहीं लगता कि टी20 विश्व कप में ऐसा होगा। मुझे लगता है कि यह सब परिस्थितियों पर निर्भर करेगा और हम इंतजार करके देखेंगे, लेकिन जब भी मुझे गेंद हाथ में लेने का मौका मिलेगा, मैं बहुत खुश होऊंगी।
बयान में कहा गया, "मैं सिर्फ वही नियंत्रित कर सकती हूं जो मेरे नियंत्रण में है। जब मुझे वह मौका मिलता है, तो मुझे खुशी होती है कि मैं उसका फायदा उठा पाती हूं। उम्मीद है कि मुझे ऐसे मौके मिलते रहेंगे और मैं अपनी दावेदारी पेश करती रहूंगी, लेकिन वर्ल्ड कप के बारे में सोचने से पहले, अभी मेरा पूरा ध्यान इस सीरीज पर है।"
विमेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 की शुरुआत 12 जून से होगी। यह टूर्नामेंट 5 जुलाई तक खेला जाएगा। 6 बार की विजेता ऑस्ट्रेलिया 'ग्रुप-ए' में है। इस ग्रुप में उसके साथ भारत, साउथ अफ्रीका, पाकिस्तान, नीदरलैंड और बांग्लादेश शामिल हैं।
बयान में कहा गया, "मैं सिर्फ वही नियंत्रित कर सकती हूं जो मेरे नियंत्रण में है। जब मुझे वह मौका मिलता है, तो मुझे खुशी होती है कि मैं उसका फायदा उठा पाती हूं। उम्मीद है कि मुझे ऐसे मौके मिलते रहेंगे और मैं अपनी दावेदारी पेश करती रहूंगी, लेकिन वर्ल्ड कप के बारे में सोचने से पहले, अभी मेरा पूरा ध्यान इस सीरीज पर है।"
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अलाना ने कहा, "मैंने यह बात पहले भी कही है, लेकिन चयनकर्ताओं ने कुछ साल पहले मुझे कुछ फीडबैक दिया था। मैंने उस पर काम किया और पर्थ स्कॉर्चर्स में मुझे काफी अनुभव मिला। उन्होंने मुझे एक 'थ्री-फेज बॉलर' (हर फेज में गेंदबाजी करने वाली) बनने में मदद की। इसलिए, इसमें कोई शक नहीं कि चयनकर्ताओं को पता है कि मैं क्या कर सकती हूं। मुझे लगता है कि टीम को भी पता है कि मैं क्या कर सकती हूं। टीम की अच्छी जीत में योगदान देना और एक बहुमुखी भूमिका निभाना हमेशा अच्छा लगता है। मैं सिर्फ 'मिडिल-ओवर्स' की गेंदबाज बनकर नहीं रहना चाहती, खासकर टी20 मुकाबलों में।"