2026 की इंग्लिश समर के इंटरनेशनल क्रिकेट शेड्यूल (पुरुष और महिला क्रिकेट दोनों के लिए) के मुताबिक, सभी फॉर्मेट में मैचों की भरमार है जिसमें ख़ास है आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप इस बार इंग्लैंड में खेलना। इसे 12 जून से 5 जुलाई 2026 तक खेलना है और वर्ल्ड कप के दोनों तरफ, इंग्लैंड की टीम न्यूजीलैंड, भारत और आयरलैंड के विरुद्ध दो टीम वाली सीरीज खेलेगी।

सीजन के बड़े आकर्षण में, लॉर्ड्स में पुरुष टीम के टेस्ट और आईसीसी महिला टी20 वर्ल्ड कप फाइनल के साथ-साथ एक महिला टेस्ट भी है। नैट साइवर-ब्रंट की इंग्लैंड महिला टीम, 10 जुलाई से लॉर्ड्स में रोथेसे टेस्ट में भारत के साथ खेलेगी। यह ऐतिहासिक मौका, इस ग्राउंड पर पहले महिला ओडीआई के 50 साल पूरे होने की याद भी बनेगा। इंग्लैंड में महिला क्रिकेट के विकास में ये दोनों मैच एक ख़ास माइलस्टोन हैं।

एमसीसी के चीफ एग्जीक्यूटिव रॉब लॉसन ने कहा, ‘लॉर्ड्स में महिला टेस्ट की मेजबानी बहुत बड़ा सम्मान है। यहां महिला क्रिकेट देखने वालों की गिनती लगातार बढ़ रही है। यहां पिछले महिला ओडीआई के 19 हजार से ज्यादा टिकट बिके थे और अब हम एक टेस्ट की मेजबानी करेंगे।' बहुत संभव है कि लॉर्ड्स का यह टेस्ट, यूके में महिला टेस्ट मैच में दर्शकों की गिनती का पिछला रिकॉर्ड तोड़ दे क्योंकि टेस्ट से दस हफ्ते पहले तक 23 हजार से ज्यादा टिकट बिक चुके थे। अभी तो मैच 10 जुलाई से शुरू है और उससे ठीक पहले महिला टी20 वर्ल्ड कप भी है, इसलिए टिकटों की बिक्री में और बढ़ोतरी होने की उम्मीद है।

50 साल पहले, रेचल हेहो फ्लिंट की महिला टीम 'होम ऑफ क्रिकेट' के तौर पर मशहूर लॉर्ड्स के मेन ग्राउंड में एक ओडीआई खेली थी और अब यहां पहला महिला टेस्ट मैच होने वाला है। लॉर्ड्स में महिला टी20 वर्ल्ड कप के चार मैच भी खेलने हैं, जिसमें फाइनल भी होगा और इन सभी मैच के टिकट पहले ही बिक चुके हैं। हरमनप्रीत कौर की टीम के साथ इस महिला टेस्ट में चार दिन तक लॉर्ड्स पर कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है क्योंकि दोनों ही टीमें इस ऐतिहासिक टेस्ट में जीत दर्ज करना चाहेंगी।

एमसीसी (जो लॉर्ड्स स्टेडियम के कस्टोडियन हैं) ने पिछले कुछ सालों में लॉर्ड्स में महिला और लड़कियों की क्रिकेट में तेज़ी से हुई तरक्की को बड़े करीब से देखा है, और यही तेजी जारी है। हाल ही में एमसीसी ने परमानेंट विज़ुअल मार्कर के साथ महिला क्रिकेट का जश्न मनाया और इस मौके पर:
*एमसीसी म्यूज़ियम में महिला क्रिकेट पर एक प्रदर्शनी लगाई।
* रेचल हेहो फ्लिंट गेट का अनावरण किया।
*हैरिस गार्डन में एक यादगार महिला एशेज प्लाक (स्मारिका प्लेट) लगाई।
*लॉन्ग रूम में शार्लेट एडवर्ड्स का एक पोर्ट्रेट लगाया।

ये मुद्दा बड़े लंबे समय से चर्चा में था कि इंग्लैंड की महिला टीम ने लॉर्ड्स में कभी टेस्ट मैच क्यों नहीं खेला, जबकि उनकी पुरुष टीम आम तौर पर साल में दो बार वहां खेलती है। वह भी तब जबकि रिकॉर्ड ये है कि पिछले दो साल में जब भी इंग्लैंड की महिला टीम लॉर्ड्स में खेली तो बड़ी भीड़ आई क्रिकेट देखने:
* 2023 एशेज में लॉर्ड्स में इंग्लैंड-ऑस्ट्रेलिया मैच 21,610 दर्शकों ने देखा और ये इंग्लैंड महिला टीम के किसी भी दो टीम वाले, घरेलू इंटरनेशनल मैच में दर्शकों की सबसे बड़ी गिनती का रिकॉर्ड है।
* 2025 में जब लॉर्ड्स में द हंड्रेड महिला फाइनल खेले तो उसे देखने 22,542 दर्शक आए थे।

सच तो यह है कि महिला टेस्ट मैचों की गिनती ही लगातार कम हो रही है और पिछले तीन साल से इंग्लैंड में महिला क्रिकेट का कोई टेस्ट मैच नहीं खेले हैं। कुल मिलाकर, एमसीसी ने भी सिर्फ़ पुरुष क्रिकेट के यहां आयोजन वाली सख्ती दिखाई, उसकी वजह से भी महिलाओं को यहां टेस्ट खेलने में इतने साल लग गए। 1986 में, जब भारत की पूर्व कप्तान डायना एडुल्जी को पवेलियन में दाखिल होने से रोक दिया था तो उन्होंने तो कह भी दिया था कि एमसीसी (MCC) को अपना नाम बदलकर MCP (मेल चौविनिस्ट पिग्स- इसका इस्तेमाल उनके लिए करते हैं जो ये यह कट्टर सोच रखते हैं कि पुरुष, हर मामले में महिलाओं से बेहतर होते हैं) कर लेना चाहिए।

इसके बाद बड़ी तेज़ी से बदलाव आया। 2017 में, खचाखच भरे स्टेडियम में वर्ल्ड कप फाइनल में भारत पर जीत के बाद, हीथर नाइट ने कहा भी था, ‘लॉर्ड्स में महिला मैच के लिए सभी टिकट बिकते देखना कुछ ऐसा है जिसके बारे में मैंने कभी नहीं सोचा था।’

महिला क्रिकेट के मामले में लॉर्ड्स के कुछ और ख़ास माइलस्टोन:

Advertisement

1967: पहली बार, एमसीसी कमेटी ने महिलाओं को मेंबर बनाने के मुद्दे पर चर्चा की।

1976: लॉर्ड्स में पहला महिला ओडीआई खेले।

1990: आर. फ्लिंट (रेचल हेहो फ्लिंट, अपनी पीढ़ी की सबसे मशहूर महिला क्रिकेटर) के नाम से मेंबरशिप एप्लीकेशन देकर एमसीसी में हलचल मचा दी।

1998: महिला क्रिकेट एसोसिएशन को इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड में शामिल कर लिया। इसका हेड क्वार्टर पहले से लॉर्ड्स में था। इससे महिलाओं की मेंबरशिप पर फिर से चर्चा शुरू हो गई। आखिरकार, नियम बदले ताकि पुरुष या महिला दोनों एमसीसी का मेंबर बनने के लिए अप्लाई कर सकें। कुछ महीने बाद, 10 महिलाओं के एक ग्रुप को एमसीसी ने ऑनरेरी लाइफ मेंबरशिप दी और इतिहास बना।

2021 में, इंग्लैंड की पूर्व कप्तान क्लेयर कॉनर सीबीई (42 साल में एशेज जीतने वाली इंग्लैंड की पहली महिला और तब ECB की महिला क्रिकेट की मैनेजिंग डायरेक्टर) एमसीसी की पहली महिला प्रेसिडेंट बनीं। MCC की प्रेसीडेंसी एक साल की होती है और कॉनर का एक साल ऑफिशियली 1 अक्टूबर 2021 को शुरू हुआ (उनसे पहले के प्रेसिडेंट कुमार संगकारा का समय कोविड के कारण एक साल बढ़ा दिया था)।

Also Read: LIVE Cricket Score

2023: हैरिस गार्डन में एक फॉर्मल प्लाक सेरेमनी में महिला एशेज की जन्मभूमि को यादगार बना दिया एक स्मारिका लगाकर।

जब भारत की महिला टीम लॉर्ड्स में पहले महिला टेस्ट मैच में इंग्लैंड से खेलेगी तो ये सच में महिला क्रिकेट के लिए एक बड़ा खास मौका होगा।

लेखक के बारे में

Charanpal Singh Sobti
Charanpal Singh Sobti is a veteran cricket writer with more than five decades of experience covering the game. At Cricketnmore, he brings his extensive knowledge, unique perspective and deep understanding of cricket to readers through insightful news, analysis, historical pieces and fascinating stories from the world of cricket. Read More
ताजा क्रिकेट समाचार