New Delhi: भारत के पूर्व क्रिकेटर इरफान पठान ने 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को आईपीएल 2026 में सावधान रहने की सलाह दी है। पठान का कहना है कि वैभव के लिए यह जरूरी है कि वह सफलता या नाकामी को अपने सिर पर किसी भी हाल में न चढ़ने दें।
वैभव ने महज 14 साल की उम्र में अपनी तूफानी बल्लेबाजी से हर किसी को खासा प्रभावित किया है। आईपीएल 2025 में वैभव का प्रदर्शन शानदार रहा था। उन्होंने गुजरात टाइटंस के खिलाफ खेले गए मुकाबले में सिर्फ 35 गेंदों में शतक लगाया था। वह इस लीग में दूसरा सबसे तेज शतक लगाने वाले बल्लेबाज बने थे। वहीं, अंडर-19 विश्व कप 2026 में भी वैभव का प्रदर्शन लाजवाब रहा था। वैभव प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे थे और उन्होंने टीम इंडिया को जीत दिलाने में अहम किरदार निभाया था।
इरफान पठान ने 'जियोस्टार' के साथ बात करते हुए कहा, "वैभव सूर्यवंशी के लिए यह बहुत जरूरी है कि वह सफलता या असफलता को अपने सिर पर न चढ़ने दें। यह काफी नाज़ुक उम्र है, क्योंकि वह अभी सिर्फ 15 साल के हैं। इस मोड़ पर, उनके सामने संभावित रूप से 20 साल का पेशेवर करियर पड़ा है। आज के समय में, जहां लंबे समय तक टिके रहना हमेशा प्राथमिकता नहीं होती और करियर छोटे हो सकते हैं। आप फिर भी 6 से 8 सालों में बहुत कुछ हासिल कर सकते हैं। हालांकि, वैभव का सफर इससे कहीं ज्यादा लंबा हो सकता है। यह जरूरी है कि कोई लगातार उनके साथ एक मार्गदर्शक के तौर पर रहे, एक अच्छा मेंटोर जो समय के साथ उन्हें सहारा दे सके, ठीक वैसी ही भूमिका जैसी पिछले साल राहुल द्रविड़ ने निभाई थी।"
वैभव ने महज 14 साल की उम्र में अपनी तूफानी बल्लेबाजी से हर किसी को खासा प्रभावित किया है। आईपीएल 2025 में वैभव का प्रदर्शन शानदार रहा था। उन्होंने गुजरात टाइटंस के खिलाफ खेले गए मुकाबले में सिर्फ 35 गेंदों में शतक लगाया था। वह इस लीग में दूसरा सबसे तेज शतक लगाने वाले बल्लेबाज बने थे। वहीं, अंडर-19 विश्व कप 2026 में भी वैभव का प्रदर्शन लाजवाब रहा था। वैभव प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे थे और उन्होंने टीम इंडिया को जीत दिलाने में अहम किरदार निभाया था।
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उन्होंने कहा, "उन्हें अपने खेल में लगातार सुधार करते रहना चाहिए। यह मुमकिन है कि इस सीजन में टीमें उनके खिलाफ योजनाएं बनाएं, जैसे कि लगातार ऑफ स्टंप के बाहर गेंदबाजी करना और गेंद को उनकी पहुंच से दूर रखना। वैभव को इसका सामना करना होगा, भले ही इसमें आउट होने का जोखिम हो। इसके साथ ही उन्हें अभिषेक शर्मा की तरह भी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। गेंदबाज उनके खिलाफ गति में लगातार बदलाव कर सकते हैं। इसी वजह से इन स्थितियों में वह खुद को कैसे ढालते हैं और रन बनाने के तरीके कैसे ढूंढते हैं, यही सबसे अहम होगा।"