न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के पांचवें मुकाबले में 46 रन से जीत दर्ज करते हुए टीम इंडिया ने सीरीज 4-1 से अपने नाम की। भारतीय कप्तान सूर्यकुमार यादव ने इस सीरीज में सर्वाधिक 242 रन बनाए। सूर्या ने फॉर्म में वापस लौटने पर खुशी जताते हुए कहा है कि उन्हें मालूम था कि वह आउट ऑफ फॉर्म नहीं थे, बस रन नहीं बन पा रहे थे।
जीत के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा, "बहुत अच्छा महसूस हो रहा है। यह साल लंबा रहा और ऐसे पलों के लिए इंतजार भी काफी लंबा था। मैं हमेशा से सपना देखता रहा हूं कि यह वक्त कब आएगा। आपने (मुरली कार्तिक) अहमदाबाद में कहा था कि जब स्काई (सूर्युकमार यादव) होता है, तो डरने की जरूरत नहीं। मैं पिछले एक साल से जो करता आ रहा था, वही करता रहा और अपनी दिनचर्या पर कायम रहा। मुझे पता था कि मैं आउट ऑफ फॉर्म नहीं हूं, बस रन नहीं बन रहे थे। यह सीरीज मेरे लिए काफी अच्छी रही और ऐसे एहसास के साथ वर्ल्ड कप में जाना बहुत खास है।"
उन्होंने कहा, "पिछली सीरीज के बाद मुझे दो-तीन हफ्ते मिले। इस दौरान मैं अपने करीबी दोस्तों के साथ रहा, उन्होंने मुझे कुछ अहम बातें बताईं, जिन्हें अपनाना जरूरी था। यही एक खिलाड़ी की जिंदगी है। मैंने सिर्फ क्रिकेट ही नहीं, बल्कि दूसरे खेलों में भी कई ऐसे खिलाड़ी देखे हैं, जो ऐसे दौर से गुजरते हैं। मुझे भरोसा था कि अगर मैं छोटी-छोटी चीजें सही करता रहा, तो मेरा वक्त जरूर आएगा। चीजें जिस तरह से आगे बढ़ी हैं, उससे मैं बहुत खुश हूं।"
जीत के बाद कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा, "बहुत अच्छा महसूस हो रहा है। यह साल लंबा रहा और ऐसे पलों के लिए इंतजार भी काफी लंबा था। मैं हमेशा से सपना देखता रहा हूं कि यह वक्त कब आएगा। आपने (मुरली कार्तिक) अहमदाबाद में कहा था कि जब स्काई (सूर्युकमार यादव) होता है, तो डरने की जरूरत नहीं। मैं पिछले एक साल से जो करता आ रहा था, वही करता रहा और अपनी दिनचर्या पर कायम रहा। मुझे पता था कि मैं आउट ऑफ फॉर्म नहीं हूं, बस रन नहीं बन रहे थे। यह सीरीज मेरे लिए काफी अच्छी रही और ऐसे एहसास के साथ वर्ल्ड कप में जाना बहुत खास है।"
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उन्होंने कहा, "यह फॉर्मेट गेंदबाजों के लिए काफी मुश्किल है। मैं इसे पूरी तरह समझता हूं। जब आप विशाल स्कोर बनाते हैं, तो विरोधी टीम का जोरदार पलटवार करना तय होता है। कप्तान के तौर पर और एक गेंदबाजी यूनिट के रूप में आप हमेशा दबाव में रहते हैं। अहम बात यह है कि आपके पास अच्छे प्लान हों। यह सब सीखने की प्रक्रिया का हिस्सा है। हम बैठेंगे, इस पर चर्चा करेंगे और आगे बढ़ेंगे।"