भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी जितना प्रसिद्ध अपनी करिश्माई कप्तानी के लिए थे उतना ही क्रिकेट फैंस उनकी वाहवाही शानदार विकेटकीपिंग के लिए भी करते है। विकेट के पीछे धोनी का कोई जवाब नहीं था और उन्होंने मैच दर मैच यह साबित किया कि बल्लेबाजी और गेंदबाजी की तरह विकेटकीपिंग भी एक अद्भुत कला है जो सबके बस की बात नहीं।

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ऐसे कई मौके आए जब माही ने विकेट के पीछे से ही पूरा खेल बदल दिया। बिजली की तेजी से भी ज्यादा फुर्तीले हाथ किसी भी बल्लेबाज को क्रीज से बाहर निकलने के लिए अनगिनत बार सोचने पर मजबूर करते थे।

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आईसीसी चैंपियंस ट्रॉफी के फाइनल से लेकर 2016 में टी-20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश के खिलाफ धोनी का आखिरी गेंद पर बल्लेबाज को रन आउट करना किसी अजूबे से कम नहीं था।

स्टंपिंग करने के मामले में धोनी इतने माहिर थे कि एबी डी विलियर्स से लेकर ग्लेन मैक्सवेल जैसे बल्लेबाज भी उनके सामने क्रीज के अंदर से ही बल्लेबाजी करने में विश्वास रखते थे। धोनी की स्टंपिंग इतनी सटीक होती थी कि कई बार लेग अंपायर को थर्ड अंपायर से पूछने की जरूरत भी नहीं होती थी और बल्लेबाज धोनी की अपील में जोश देखकर ही पवेलियन का रास्ता नाप लेता था।

धोनी ने वनडे में 123 बार बल्लेबाजों को स्टंप आउट किया है जो कि एक रिकॉर्ड है। उनके पीछे श्रीलंका के दिग्गज कुमार संगाकारा है जिन्होंने 99 बार यह कारनामा किया है। इसके अलावा टेस्ट मैचों की बात करे तो धोनी के नाम 38 स्टंपिंग दर्ज है।

टी-20 इंटरनेशनल के इतिहास में भी धोनी के नाम सबसे ज्यादा स्टंपिंग करने का रिकॉर्ड है। टी-20 में उन्होंने कुल 34 बार यह कारनामा किया है।

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धोनी ने भले ही इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले लिया है लेकिन उनकी गिनती हमेशा दुनिया  के सबसे बेहतरीन विकेटकीपर में होगी।

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Shubham Shah
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