'फिट इंडिया संडेज ऑन साइकिल' का 65वां संस्करण पूरे देश में 5000 से ज्यादा जगहों पर उत्साह के साथ मनाया गया। 300 से ज्यादा 'फिट इंडिया चैंपियंस', राजदूतों, और खास मेहमानों ने साइकिलिंग इवेंट की अगुवाई की। यह आयोजन ओडिशा के कोकराझार से लेकर पंजाब के बादल और दक्षिण में एलेप्पी तक फैली जगहों पर हुआ।
पटना में बिहार की युवा खेल मंत्री श्रेयसी सिंह ने 'संडेज ऑन साइकिल' में हिस्सा लिया और खुद आगे बढ़कर मिसाल कायम की। असम सरकार की सहायक आयुक्त, एमएमए फाइटर, कराटे ब्लैक बेल्ट होल्डर और एक अनुभवी साइकिलिस्ट रीमा तृषा हलोई ने भी हिस्सा लिया। कुछ महीने पहले वह चोटिल हो गई थीं, लेकिन आज के 'संडेज ऑन साइकिल' में हिस्सा लेकर उन्होंने अपनी फिटनेस रूटीन में जोरदार वापसी की।
65वें संस्करण का मुख्य आयोजन नई दिल्ली में हुआ, जहां 10 हजार से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया। रविवार की सुबह दिल्ली के कनॉट प्लेस को देखकर ऐसा लगा जैसे यहां कोई उत्सव हो रहा हो। 'फिट इंडिया' का मुख्य अभियान 'संडेज ऑन साइकिल' राहगीरी फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित किया गया था। इसके साथ ही 'राहगीरी डे' की भी वापसी हुई।
इस खास संस्करण में 3 साल की उम्र के बच्चों से लेकर 70 साल तक के बुजुर्ग भी हिस्सा लेते हुए नजर आए। यह सभी लोग कनॉट प्लेस के चारों ओर साइकिल चलाने से पहले रस्सी कूदने, जुम्बा, योगासन और कई मजेदार खेलों जैसी अलग-अलग फिटनेस गतिविधियों में हिस्सा लेने के लिए एक साथ आए।
65वें संस्करण का मुख्य आयोजन नई दिल्ली में हुआ, जहां 10 हजार से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया। रविवार की सुबह दिल्ली के कनॉट प्लेस को देखकर ऐसा लगा जैसे यहां कोई उत्सव हो रहा हो। 'फिट इंडिया' का मुख्य अभियान 'संडेज ऑन साइकिल' राहगीरी फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित किया गया था। इसके साथ ही 'राहगीरी डे' की भी वापसी हुई।
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आशीष सूद ने कहा कि राहगीरी डे और संडेज ऑन साइकिल जैसी पहल दिल्ली को ज्यादा स्वास्थ्य और सुरक्षित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं। उन्होंने कहा कि पैदल चलने, साइकिल चलाने और पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल बढ़ाने से न सिर्फ सड़क सुरक्षा बेहतर होती है, बल्कि हवा का प्रदूषण भी कम होता है और लोगों में टिकाऊ यात्रा की आदत बनती है। सूद ने कहा कि साफ हवा सिर्फ चाहने से नहीं मिलेगी, इसके लिए सभी लोगों को मिलकर जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि वह इन अच्छी आदतों को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाएं।