श्रीमंत झा ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का मान बढ़ाया है। उन्होंने यूएई के शारजाह में आयोजित एशियन पैरा आर्म रेसलिंग कप 2025 के 85 किलोग्राम वर्ग में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। श्रीमंत ने इस पदक को देश के शहीद जवानों को समर्पित किया है।
शानदार ताकत, तकनीक और धैर्य का प्रदर्शन करते हुए पदक जीतने वाले श्रीमंत झा ने कहा, "यह मेरे लिए एक विशेष उपलब्धि है। मैं हर मैच देश के वीर जवानों की प्रेरणा से खेलता हूं। अब मेरा लक्ष्य आगामी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल जीतकर भारत का नाम और ऊंचा करना है। मेरी हर जीत देश के उन वीर जवानों के लिए है, जिन्होंने अपनी जान देश की सुरक्षा में न्योछावर की। यह सिल्वर मेडल मैं उन सभी शहीदों को समर्पित करता हूं।"
एशियन पैरा आर्म रेसलिंग कप 2025 की शुरुआत 4 दिसंबर से हुई थी। यह टूर्नामेंट 10 दिसंबर 2025 तक शारजाह में खेला जाएगा।
दुनिया के तीसरे और एशिया के नंबर-1 पैरा आर्म रेसलर श्रीमंत झा ने इस चैंपियनशिप में अपनी शक्ति और उत्कृष्ट खेल कौशल का परिचय देते हुए फाइनल तक पहुंचकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
श्रीमंत झा अब तक भारत के लिए 61 अंतरराष्ट्रीय मेडल जीत चुके हैं, जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इस सफलता ने एशिया में उनकी स्थिति और भी मजबूत की है।
पीपल्स आर्म रेसलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया की अध्यक्ष प्रीति झंगियानी, छत्तीसगढ़ आर्म रेसलिंग संघ के अध्यक्ष जी सुरेश बाबे, चेयरमैन बृज मोहन सिंह, सचिव श्रीकांत कृष्ण साहू और कोच राजू साहू ने श्रीमंत झा को इस शानदार उपलब्धि पर हार्दिक बधाई दी है।
श्रीमंत झा अब तक भारत के लिए 61 अंतरराष्ट्रीय मेडल जीत चुके हैं, जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। इस सफलता ने एशिया में उनकी स्थिति और भी मजबूत की है।
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इस जीत के साथ श्रीमंत झा ने खिलाड़ियों को कड़ी मेहनत और समर्पण के साथ अपने लक्ष्यों की ओर बढ़ने के लिए प्रेरित किया है। उनका मानना है कि हमें कभी हार नहीं माननी चाहिए। मेहनत और लगन ही सफलता दिला सकती है। हमें अपने सपनों पर विश्वास रखना चाहिए, क्योंकि मेहनत करने वालों की कभी हार नहीं होती।