बिहार क्रिकेट संघ
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बिहार क्रिकेट संघ के आदित्य वर्मा का बड़ा ऐलान, इस मुहिम को बनाया अपना लक्ष्य

by Vishal Bhagat Jan 09, 2018 • 18:53 PM

पटना, 9 जनवरी| बिहार क्रिकेट संघ (सीएबी) के आदित्य वर्मा ने मंगलवार को कहा कि सीएबी का मुख्य उद्देश्य हमेशा से बिहार के क्रिकेट खिलाड़ियों का घरेलू टूर्नामेंटों में हिस्सा दिलाना रहा है।

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आदित्य ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के बाद अब समय आ गया है कि बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (बीसीए) और सीएबी एक साथ मिलकर काम करें। पटना में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में आदित्य ने हालांकि, यह भी कहा है कि कुछ लोग सीएबी और बीसीए को साथ काम करते हुए नहीं देखना चाहते हैं।

आदित्य ने कहा, "भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) फिलहाल बिहार में रविशंकर प्रसद सिंह के गुट वाले बीसीए को जूनियर स्तर के मैच कराने का जिम्मा सौंपा है। सीएबी का मानना है कि बिहार के खिलाड़ियों को आईपीएल नीलामी में भी शामिल किया जाए, जिससे उन्हें भी बड़े क्रिकेट खिलाड़ियों के साथ खेलने का मौका मिल सके।"

उन्होंने कहा कि जल्द ही सीएबी बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से मुलाकात कर बिहार क्रिकेट खिलाड़ियों के विकास और उनके खेल में और भी सुधार के लिए प्रत्येक जिले में क्रिकेट स्टेडियम तथा कोचिंग अकादमी की व्यवस्था करवाने का निवेदन करेगी। 

करीब 16 वषरें तक बिहार के खिलाड़ियों को घरेलू प्रतियोगिता में नहीं खेले जाने पर निराशात जताते हुए आदित्य ने कहा, "उन खिलाड़ियों का आखिर क्या कसूर था? सीएबी की सभी 38 जिला क्रिकेट संघ बीसीए को सभी प्रकार के सहयोग देने को तैयार है।"

उन्होंने इस क्रम में याद दिलाते हुए कहा कि 18 जुलाई, 2016 को भी सर्वोच्च न्यायालय ने बिहार को मत अधिकार के साथ पूर्ण सदस्य बना दिया था और बीसीसीआई द्वारा इसकी जानकारी भी सर्वोच्च न्यायालय समिति को दे दी थी लेकिन दो सीजन के बाद भी बिहार रणजी ट्रॉफी नहीं खेल सका।  इस संवाददाता सम्मेलन में सीएबी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रेम रंजन पटेल सहित अन्य जिला क्रिकेट संघ के अधिकारी मौजूद थे।  क्रुणाल पांड्या की वाइफ बला की खूबसूरत है, देखकर दंग रह जाएगें PHOTOS

उल्लेखनीय है कि इसी साल सर्वोच्च न्यायालय ने एक आदेश में कहा है कि बिहार की टीम बिहार क्रिकेट एसोसिएशन (बीसीए) के तहत रणजी ट्राफी और अन्य घरेलू टूर्नामेंटों में हिस्सा लेगी। न्यायालय ने कहा है कि यह फैसला क्रिकेट के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया।