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भारत को जीत दिलाने के बाद रविंद्र जडेजा का आया बयान, खुद को साबित करना चाहता था

Vishal Bhagat
By Vishal Bhagat
December 23, 2019 • 14:02 PM View: 569

23 दिसंबर। हरफनमौला खिलाड़ी रवींद्र जडेजा ने वेस्टइंडीज के खिलाफ अंत तक क्रीज पर टिक कर भारत को तीसरे और निर्णायक वनडे मैच में जीत दिलाई जिसके दम पर मेजबान टीम सीरीज जीतने में सफल रही। मैच के बाद उन्होंने कहा कि वह जब भी मैदान पर कदम रखते हैं तो सिर्फ अपना सर्वश्रेष्ठ करना चाहते हैं और टीम की जीत में अहम योगदान निभाना चाहते हैं। यहां बाराबती स्टेडियम में रविवार को खेले गए तीसरे वनडे में विंडीज ने भारत को 316 रनों का लक्ष्य दिया था जिसे भारत ने हासिल कर लिया और चार विकेट से मैच जीत सीरीज 2-1 से अपने नाम की।

मैच के बाद जडेजा ने संवाददाता सम्मेलन में कहा, "मुझे जब भी मौका मिलता है तो मैं अपना सर्वश्रेष्ठ देने की कोशिश करता हूं। मैं अपने आप को साबित करना चाहता हूं कि मैं अभी भी सीमित ओवरों की क्रिकेट खेलने में सफल हूं। मुझे विश्व में किसी और को साबित नहीं करना। मैं कोशिश करता हूं कि मैं अपना सर्वश्रेष्ठ दे सकूं चाहे वो फील्डिंग में हो, गेंदबाजी में हो या बल्लेबाजी में।"

जडेजा ने इस मैच में गेंदबाजी में भी योगदान दिया। उन्होंने 10 ओवरों में 54 रन बनाकर एक विकेट निकाला। उन्होंने टीम को पहली सफलता दिलाई थी।

बाएं हाथ के इस खिलाड़ी ने कहा, "हम बीच में तीन विकेट खो चुके थे और वनडे क्रिकेट में यह होता है। एक बार जब आपको सलामी बल्लेबाज अच्छी शुरुआत देते हैं तो ऐसा हो सकता है कि मध्य क्रम सस्ते में निपट ले। हम जानते थे कि विकेट अच्छा है और हम लक्ष्य का पीछा कर सकते हैं।"

उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि मैंने जो पारी खेली वो काफी अहम थी। यह सीरीज का निर्णायक मैच था। जब मैं क्रीज पर आया, मैं विराट के साथ खड़े होने की कोशिश कर रहा था। बल्लेबाजी के लिहाज से विकेट काफी अच्छी थी। गेंद के हिसाब से खेलना इस विकेट पर बनता था।"

कप्तान कोहली के साथ अपनी साझेदारी पर जडेजा ने कहा, "विराट और मैं बात कर रहे थे कि विकेट अच्छी है। उन्होंने मुझसे कहा था कि विकेट पर खड़े रहना क्योंकि वह मैच खत्म करना चाहते हैं। दुर्भाग्यवश वह आउट हो गए और इसके बाद उन्होंने मुझसे अपना स्वाभाविक खेल खेलने को कहा और बचकाना गलतियां करने को मना किया।"

उन्होंने कहा, "विराट जब आउट हो गए तब मैं अपने आप से कह रहा था कि मुझे अंतिम गेंद तक खेलना है। जब शार्दूल आया, मैंने उससे कहा की ठीक से बल्लेबाजी करना और खराब शॉट नहीं खेलना। विकेट अच्छी है और गेंद अच्छे से बल्ले पर आ रही है।"

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