पाकिस्तान के पूर्व बल्लेबाज मोहम्मद यूसुफ ने पाकिस्तान क्रिकेट में हालिया उथल-पुथल पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि इंग्लैंड के खिलाफ जारी टेस्ट दौरे के दौरान किए गए बड़े बदलाव, सिर्फ खराब प्रदर्शन की वजह से नहीं, बल्कि अंदरूनी कलह और मतभेदों के उस पुराने चक्र का हिस्सा हैं जो अक्सर देखने को मिलता है।
इंग्लैंड के खिलाफ तीन मैचों की टेस्ट सीरीज में टीम के 0-2 से पिछड़ने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (पीसीबी) ने बड़ा बदलाव किया और तीसरे टेस्ट से पहले सात खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ के दो सदस्यों को घर वापस भेज दिया है। इन घटनाक्रमों पर प्रतिक्रिया देते हुए यूसुफ ने कहा कि खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ को वापस बुलाने के फैसले में प्रदर्शन के अलावा भी कई बातें शामिल लगती हैं। उन्होंने उस अस्थिरता का भी जिक्र किया जिसने वर्षों से पाकिस्तान क्रिकेट को प्रभावित किया है।
यूसुफ ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "अधिकारियों का खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ को चल रहे दौरे से वापस बुलाने का हालिया फैसला महज प्रदर्शन से जुड़ा नहीं लगता। आखिरकार, हम जहीर अब्बास, जावेद मियांदाद, इंजमाम-उल-हक या सईद अनवर जैसे दिग्गजों को तो रिप्लेसमेंट के तौर पर नहीं भेज रहे हैं। इसके बजाय, यह कदम अंदरूनी कलह, मतभेदों और विवादों के उस जाने-पहचाने चक्र को दिखाता है जिसने लंबे समय से पाकिस्तान क्रिकेट को परेशान किया है।"