टीम इंडिया के स्पिन गेंदबाज रवि बिश्नोई अपनी घूमती गेंदों के दम पर विश्व क्रिकेट में पहचान बना चुके हैं। हालांकि, एक समय ऐसा भी था, जब ट्रायल्स के दौरान बिश्नोई को दो बार नाकामी हाथ लगी थी। हालांकि, इसके बावजूद उन्होंने अपनी काबिलियत पर भरोसा रखा और राजस्थान की गलियों से निकलकर भारतीय टीम में जगह बनाई।
रवि बिश्नोई का जन्म 5 सितंबर, 2000 को राजस्थान के जोधपुर जिले के बिरमी गांव में हुआ। रवि को शुरुआत से ही क्रिकेट से खास लगाव था। जल्द ही उन्होंने इस खेल में अपना करियर बनाने का फैसला किया।
हालांकि, सुविधाओं के अभाव के कारण उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। मगर वह दिन-रात मेहनत करते रहे। क्लब स्तर पर अच्छा प्रदर्शन करने के बाद बिश्नोई अंडर 16 और बाद में अंडर 19 का ट्रायल देने पहुंचे, लेकिन उन्हें दोनों ही जगह से नाकामी हाथ लगी। अंडर 19 के लिए ट्रायल्स में तो बिश्नोई को दो बार रिजेक्ट किया गया। हालांकि, उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।