युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय की राज्य मंत्री रक्षा खडसे का कहना है कि खेल पत्रकारिता वो आवाज है, जो खेलों को कहानियों में तब्दील करती है। रक्षा खडसे ने कहा कि क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों को उचित स्थान देना भी बेहद जरूरी है। दिल्ली स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन (डीएसजेए) की मेजबानी में आयोजित चार दिवसीय सम्मेलन का शुक्रवार को शुभारंभ हुआ।
रक्षा खडसे ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट 'एक्स' पर लिखा, "खेल पत्रकारिता वह आवाज है जो खेलों को कहानियों में, खिलाड़ियों को आइकॉन में और खेल को राष्ट्रीय गौरव की एक शक्ति में बदल देती है। मुझे एसजेएफआई कन्वेंशन 2026 को संबोधित करने का सौभाग्य मिला। यह खेल मीडिया जगत का एक ऐतिहासिक जमावड़ा था जो 23 साल बाद आयोजित किया गया। मेरे साथ हरि रंजन राव, सचिव (खेल) और भारतीय खेल प्राधिकरण के महानिदेशक सरजू चक्रवर्ती, अध्यक्ष और रमेश वी, सचिव स्पोर्ट्स जर्नलिस्ट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया भी मौजूद रहे।"
उन्होंने आगे लिखा, "अपने संबोधन के दौरान, मैंने क्रिकेट के अलावा अन्य खेलों को उचित स्थान देने, सरकारी पहलों को उजागर करने, खेल पर्यटन को बढ़ावा देने और खेल विज्ञान जैसे उभरते क्षेत्रों में करियर के रास्ते खोलने की आवश्यकता पर जोर दिया। मैंने इस बात पर भी जोर दिया कि पत्रकारिता लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के रूप में सामाजिक भलाई को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी है और खेल मीडिया वैश्विक स्तर पर भारत की 'सॉफ्ट पावर' को प्रदर्शित करने में अहम भूमिका निभाता है। खेल पत्रकारिता में लैंगिक अंतर एक और अहम मुद्दा था जिसे मैंने उठाया और इस क्षेत्र में महिलाओं की ज्यादा भागीदारी का आग्रह किया। मैं खेल पत्रकारों के अटूट समर्थन की तहे दिल से सराहना करती हूं, जिनका समर्पण खेल जगत के पूरे सिस्टम को मजबूत बनाता है।"