बापू नाडकर्णी: पिच पर सिक्का रख करते थे गेंदबाजी का अभ्यास, बिना रन दिए लगातार 131 गेंद फेंकने का रि (Image Source: IANS)
क्रिकेट में उन खिलाड़ियों की अहमियत हमेशा से रही है जो अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी के दम पर टीम के पक्ष में मैच पलटने की पूरी ताकत रखते हैं। बापू नादकर्णी एक ऐसे ही खिलाड़ी रहे जिन्होंने टेस्ट फॉर्मेट में भारतीय टीम के लिए गेंद और बल्ले से उस दौर में टीम इंडिया के लिए शानदार प्रदर्शन किया जब भारतीय क्रिकेट टीम एक युवा टीम मानी जाती थी।
बापू नाडकर्णी का जन्म 4 अप्रैल 1933 को नासिक में हुआ था। उनका पूरा नाम रमेशचंद्र गंगाराम 'बापू' नाडकर्णी था।
नाडकर्णी को क्रिकेट बचपन से पसंद था। वह मूल रूप से एक गेंदबाज थे, लेकिन कड़ी मेहनत की बदौलत अपनी बल्लेबाजी से भी उन्होंने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में छाप छोड़ी। कहा जाता है कि जब वह नेट्स में अभ्यास करते थे तो पिच पर एक सिक्का रखते थे, और हर बॉल पर सिक्के को मारने की कोशिश करते थे।