भारतीय क्रिकेट टीम में हर्षित राणा को एक तेज गेंदबाज के रूप में जगह मिली थी। पिछले एक साल में दाएं हाथ के इस गेंदबाज ने तीनों ही फॉर्मेट में अच्छा प्रदर्शन किया है। गेंदबाजी के साथ ही उन्हें बल्लेबाजी का भी मौका दिया जाता है और इसका श्रेय हेड कोच गौतम गंभीर को दिया जाता है। राणा ने इसका खंडन किया है।
वडोदरा में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहला वनडे मुकाबला जीतने के बाद बीसीसीआई टीवी पर हर्षित राणा ने अपनी बल्लेबाजी को लेकर बात की। उन्होंने कहा कि बल्लेबाजी की शुरुआत पापा ने करवाई थी। वे शुरू से ही मेरी बल्लेबाजी पर ध्यान देते रहे हैं। उनका मानना है कि ऑलराउंडर्स को भारतीय टीम में जल्दी खेलने का मौका मिलता है, इसलिए उन्होंने हमेशा गेंदबाजी के साथ-साथ मेरी बल्लेबाजी पर भी ध्यान दिया है।
राणा ने कहा कि पापा हर मैच के बाद मुझे फोन करते हैं। मैं जिस तरह 20 रन पहले आउट होकर आया, मुझे डर लग रहा है कि मैं उनसे कैसे बात करूंगा।