16 जनवरी 2026 का दिन विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 के इतिहास में लंबे समय तक याद रखा जाएगा। बेंगलुरु में खेले गए सेमीफ़ाइनल मुकाबले में सौराष्ट्र के ओपनर विश्वराजसिंह जडेजा ने ऐसी विस्फोटक बल्लेबाज़ी की, जिसने मैच की तस्वीर ही बदल दी। पंजाब के खिलाफ 292 रनों के मुश्किल लक्ष्य का पीछा करते हुए उन्होंने नाबाद 165 रन बनाकर सौराष्ट्र को फाइनल में पहुंचा दिया।
राजकोट में जन्मे 27 वर्षीय विश्वराज जडेजा ने ये पारी न सिर्फ़ आक्रामक अंदाज़ में खेली, बल्कि पूरी तरह से नियंत्रण में रहकर खेली। आमतौर पर बड़े लक्ष्य के दबाव में टीमें लड़खड़ा जाती हैं, लेकिन जडेजा ने इस रन चेज़ को बेहद आसान बना दिया। उन्होंने शुरुआत से ही पंजाब के गेंदबाज़ों पर दबाव बनाया और उन्हें वापसी का कोई मौका नहीं दिया।
जडेजा ने महज़ 29 गेंदों में अपना अर्धशतक पूरा किया, जिससे साफ हो गया कि वो इस मुकाबले को अपने अंदाज़ में खत्म करना चाहते हैं। इसके बाद उन्होंने पारी को संभालते हुए 74 गेंदों में शतक पूरा किया। उनकी बल्लेबाज़ी में क्लासिकल तकनीक और आधुनिक आक्रामकता का शानदार मेल देखने को मिला। उन्होंने कुल 18 चौके और तीन छक्के लगाए और अंत तक नाबाद रहे।