भारत और श्रीलंका जब 15 अगस्त से गॉल में दो टेस्ट की सीरीज शुरू करेंगे तो पहले टेस्ट में हार-जीत का रिकॉर्ड तो खास होगा ही, उससे भी ज्यादा खास होगा इस टेस्ट का ऐतिहासिक होना। यह भारत का 600वां टेस्ट है, एक ऐसा मुकाम जिसे अब तक सिर्फ दो और टेस्ट खेलने वाले देशों ने ही हासिल किया है।
भारत का ये टेस्ट सफर 1932 में लॉर्ड्स में इंग्लैंड के विरुद्ध शुरू हुआ सीके नायडू की कप्तानी में और 94 साल बाद, अब शुभमन गिल 600वें टेस्ट में भारत के कप्तान हैं। इन दो खास टेस्ट के बीच का सफर भारतीय क्रिकेट में आए बदलाव की दास्तान है यानि कि एक गुलाम देश की, जूझ रही नई टीम से दुनिया की टॉप टेस्ट टीम में से एक बनने तक का सफर। भारत के अब तक के 599 टेस्ट में से 186 जीते हैं, 188 हारे, 224 ड्रॉ रहे और एक टाई हुआ है। जीत और हार की गिनती का लगभग बराबर होना ही इन सालों में टीम के स्तर में आए बदलाव को दिखाता है
इंग्लैंड ने जो 1,097 टेस्ट खेले उनमें से 405 जीते और 336 हारे, जबकि ऑस्ट्रेलिया ने 882 टेस्ट खेले जिनमें 426 जीते और 235 हारे हैं। वेस्टइंडीज इस समय 596 टेस्ट पर है यानि कि 600 टेस्ट के रिकॉर्ड के करीब। संयोग ये कि 600 टेस्ट खेलने वाले मौजूदा तीन देश भारत, इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के उलट, कैरिबियन में टेस्ट क्रिकेट चिंताजनक हालत में है और अब तो लगभग खाली स्टेडियम में टेस्ट खेल रहे हैं।