वाटर स्पोर्ट्स की असीम संभावनाओं से लबरेज गोरखपुर के रामगढ़ताल को यूपी सरकार रोइंग के नेशनल कैम्प का ठिकाना बनाएगी। देशभर के रोइंग खिलाड़ी यहां राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के अनुरूप यहां अपनी प्रतिभा-कौशल को तराशेंगे। इसमें रोइंग की ट्रेनिंग के लिए इंटरनेशनल इवेंट्स के अनुरूप अलग-अलग श्रेणियों के 20 बोट्स जर्मनी से मंगाए जा रहे हैं।
खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स की रोइंग प्रतियोगिता रामगढ़ताल में अकस्मात नहीं हुई। बल्कि इसके पीछे मुख्यमंत्री योगी के मार्गदर्शन में प्रदेश शासन के खेल विभाग की दूरदर्शी सोच है। खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में इसके पूर्व कभी रोइंग प्रतियोगिता नहीं हुई थी। मेजबानी उत्तर प्रदेश को मिली तो अपर मुख्य सचिव खेल एवं युवा कल्याण डॉ. नवनीत सहगल ने रोइंग को भी शामिल कराया। इसे लेकर पहले से उन्होंने सीएम योगी की मंशा के अनुरूप रामगढ़ताल और गोरखपुर के वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का चयन कर रखा था। वास्तव में योगी सरकार ने ताल के पास ही 45 करोड़ रुपये की लागत से विश्व स्तरीय वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स इसी मकसद से बनाया है कि यहां जल क्रीड़ा की राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं हो सकें और स्थानीय युवाओं का रुझान इस दिशा में बढ़े।
27 से 31 मई तक हुई खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स रोइंग प्रतियोगिता ने वाटर स्पोर्ट्स के लिए रामगढ़ताल की उपयोगिता को सिद्ध कर दिया है। देशभर के अलग अलग राज्यों के विश्वविद्यालयों से आए खिलाड़ी, उनके कोच और रोइंग फेडरेशन आफ इंडिया के पदाधिकारी भी हैरत में थे कि वाटर स्पोर्ट्स के लिए समूचे उत्तर भारत के लिए महत्वपूर्ण यह वेन्यू लाइमलाइट में नहीं था। सबने माना कि यहां राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताएं आसमान छू सकती हैं। रोइंग फेडरेशन आफ इंडिया के शीर्ष पदाधिकारियों ने यहां रोइंग का नेशनल कैम्प लगाने और ट्रेनिंग एकेडमी की इच्छा जताई है। इसे देखते हुए राज्य सरकार भी नेशनल कैम्प के अनुकूल कदम उठाने में जुट गई है। अपर मुख्य सचिव खेल एवं युवा कल्याण डॉ. नवनीत सहगल का कहना है कि फेडरेशन के साथ मिलकर रामगढ़ताल-वाटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में रोइंग का नेशनल कैम्प आयोजन किया जाएगा। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है।