भारतीय शतरंज की दुनिया में हरिका द्रोणावल्ली का नाम बेहद प्रतिष्ठा के साथ लिया जाता है। वह उन चुनिंदा महिला खिलाड़ियों में शुमार हैं, जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का नाम रोशन किया है।
हरिका द्रोणावल्ली का जन्म 12 जनवरी 1991 को गुंटूर, आंध्र प्रदेश में हुआ था। उन्होंने श्री वेंकटेश्वर बाला कुटीर स्कूल में पढ़ाई की। बेहद कम उम्र में शतरंज खेलने का अभ्यास शुरू करने वाली हरिका ने अंडर-9 नेशनल चैंपियनशिप में मेडल जीता था। इसके बाद उन्होंने अंडर-10 लड़कियों के लिए वर्ल्ड यूथ शतरंज चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल जीता। कोच एनवीएस रामाराजू ने बतौर खिलाड़ी निखारा।
हरिका ने 2012, 2015 और 2017 में महिला वर्ल्ड शतरंज चैंपियनशिप में तीन कांस्य पदक जीते। 2016 में, उन्होंने चीन के चेंगदू में फिडे महिला ग्रैंड प्रिक्स इवेंट जीता और फिडे महिला रैंकिंग में दुनिया में 5वीं रैंक पर पहुंचीं। वह 2024 में 45वें शतरंज ओलंपियाड में गोल्ड जीतने वाली महिला टीम का हिस्सा थीं। हरिका 2025 में फिडे महिला विश्व कप के क्वार्टर फाइनल में पहुंची थीं।