भारत के शीतकालीन खेलों की सफलता में एचएडब्ल्यूएस की भूमिका रही अहम (Image Source: IANS)
जम्मू-कश्मीर के गुलमर्ग में छठे खेलो इंडिया विंटर खेलों का आयोजन हुआ। खिलाड़ियों का प्रदर्शन इस बार कमाल रहा। हालांकि, खिलाड़ियों ने कहा कि असली जीत पोडियम पर नहीं, बल्कि गुलमर्ग की बर्फीली चोटियों और हाई एल्टीट्यूड वारफेयर स्कूल (एचएडब्ल्यूएस) में मिली ट्रेनिंग में हुई।
भारत के विभिन्न राज्यों, सेना, सीआरपीएफ, और आईटीबीपी के खिलाड़ी मानते हैं कि उनकी सफलता का बड़ा कारण एचएडब्ल्यूएस है।
एचएडब्ल्यूएस की स्थापना दिसंबर 1948 में ब्रिगेडियर जनरल के. एस. थिमैया ने 19वीं इन्फैंट्री डिवीजन स्की स्कूल के रूप में की थी। बाद में यह विंटर वारफेयर स्कूल बना और 1962 में इसे ए कैटेगरी ट्रेनिंग का दर्जा मिला।