पुर्तगाल के 'मजबूत कद-काठी' वाले विंगर राफेल लेओ ने अपनी तेज रफ्तार, ड्रिब्लिंग और आक्रामक खेल से फुटबॉल जगत में खास पहचान बनाई है। स्पोर्टिंग सीपी से करियर शुरुआत करने वाले राफेल लेओ ने बाद में एसी मिलान की तरफ से खेलते हुए अपनी चमक बिखेरी।
10 जून 1999 को पुर्तगाल के अल्माडा में जन्मे राफेल लेओ ने महज 9 साल की उम्र में लिस्बन स्थित स्पोर्टिंग सीपी से अपना करियर शुरू किया था।
लेओ बेनफिका की ओर से खेलना चाहते थे, लेकिन छोटी-सी उम्र में क्लब के साथ करार करने के बावजूद आखिरी क्षण में उन्होंने यह कदम वापस ले लिया, क्योंकि बेनफिका का प्रशिक्षण मैदान बहुत दूर था। परिवार इसका खर्च नहीं उठा सकता था। ऐसे में उन्होंने स्पोर्टिंग सीपी में शामिल होना ही सही समझा। उन्होंने क्लब की ओर से विभिन्न स्तरों को पार किया। करीब 10 साल बाद लेओ को फेइरेंस के खिलाफ एक मैच में ब्रायन रुइज की जगह वरिष्ठ टीम में डेब्यू का मौका मिला।