Saina Nehwal: भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने अपने करियर में वो सब कुछ हासिल किया, जिसका ख्वाब एक खिलाड़ी देखता है। साइना की उपलब्धियों ने देश की बेटियों को बैडमिंटन के खेल में उतरने के लिए प्रेरित किया। साइना ओलंपिक में भारत के लिए इस खेल में पदक जीतने वाली पहली खिलाड़ी बनी थीं। 28 मार्च 2015 को साइना वर्ल्ड रैंकिंग में नंबर एक की पोजीशन तक पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी भी बनीं।
हरियाणा के हिसार में जन्मीं साइना नेहवाल महज 8 साल की थीं, जब उनका पूरा परिवार हैदराबाद शिफ्ट हो गया। हैदराबाद आने के बाद साइना की बैडमिंटन के खेल में खास रुचि जागी। उन्होंने जल्द ही इस खेल में अपना करियर बनाने की ठान ली। साइना की मां उषा रानी नेहवाल खुद एक राज्य स्तर की बेहतरीन खिलाड़ी रही थीं। साइना के मन में मां का अधूरा सपना पूरा करने की भी चाहत थी। साइना जल्द ही इस खेल में रम गईं और एक के बाद एक उपलब्धियों को हासिल करना शुरू कर दिया।
2008 में हुए बीजिंग ओलंपिक साइना नेहवाल के करियर का सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट रहा। वह इस ओलंपिक में क्वार्टर फाइनल तक पहुंचने में सफल रहीं। इतने बड़े मुकाम पर मिली सफलता ने साइना को वो आत्मविश्वास दिया, जिसकी उनसे सख्त जरूरत थी। इसके बाद भारत की स्टार खिलाड़ी ने फिर पीछे मुड़कर नहीं देखा। इसके बाद अगले दो साल में साइना ने बीडब्ल्यूएफ हांगकांग ओपन, सिंगापुर और इंडोनिशिया ओपन का खिताब अपने नाम किया। खासतौर पर साल 2011 उनके करियर के लिहाज से सबसे शानदार साल रहा।