'रस्साकशी' एक ऐसा पारंपरिक खेल है, जिसमें दो टीमें एक रस्सी के दो अलग-अलग छोर को पकड़कर खींचती हैं। इस खेल में निर्धारित रेखा के पार प्रतिद्वंद्वी टीम को खींचने वाली टीम विजेता होती है। यह खेल ताकत, संतुलन और सामूहिक समन्वय पर आधारित है। इस खेल की खासियत यह है कि इसमें महंगे उपकरण या किसी स्टेडियम की जरूरत नहीं होती। क्या आप जानते हैं कि यह ओलंपिक खेलों का भी हिस्सा रहा है?
रस्साकशी के खेल का इतिहास योद्धाओं के प्रशिक्षण से जुड़ा है। भले ही इसकी उत्पत्ति का कोई निश्चित समय या स्थान नहीं है, लेकिन इसके प्रमाण भारत समेत मिस्र, जापान, कोरिया, हवाई, ग्रीस और चीन में पाए गए हैं। कुछ संस्कृतियों में रस्साकशी सिर्फ एक खेल नहीं, बल्कि सामाजिक अनुष्ठानों का भी प्रतीक है।
धीरे-धीरे यह खेल अन्य देशों में भी प्रचलित हुआ। 15वीं से 18वीं शताब्दी के बीच फ्रांस और ब्रिटेन में भी यह खेल काफी लोकप्रिय हुआ। 19वीं सदी के बीच यह नाविकों के बीच प्रचलित हुआ।