BCCI Introduces New Replacement Rule: ऋषभ पंत की गंभीर चोट के बाद बीसीसीआई ने खिलाड़ियों की सुरक्षा और टीम बैलेंस को ध्यान में रखते हुए घरेलू क्रिकेट में एक अहम बदलाव किया है। इस नए नियम के आने से टीमों को अचानक आई मुश्किल हालात में राहत मिलेगी और खिलाड़ियों पर अतिरिक्त दबाव भी कम होगा। माना जा रहा है कि यह कदम आने वाले समय में खेल की दिशा बदलने वाला साबित हो सकता है।

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ऋषभ पंत की हालिया चोट से सबक लेते हुए BCCI ने घरेलू क्रिकेट के नियमों में बड़ा बदलाव कर दिया है। अब 2025-26 सीज़न से मल्टी-डे मैचों में Serious Injury Replacement Rule लागू होगा। मतलब अगर कोई खिलाड़ी मैच के दौरान गंभीर चोटिल हो जाता है, जैसे फ्रैक्चर, डीप कट या डिसलोकेशन तो उस परिस्थिति टीम को मिलेगा उसका like-for-like रिप्लेसमेंट।

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ये नियम बिलकुल उसी तरह काम करेगा जैसे अभी कॉन्कशन सब्सटीट्यूट वाला सिस्टम होता है। फर्क इतना होगा कि अब किसी भी सीरियस इंजरी पर भी रिप्लेसमेंट मिल जाएगा। BCCI ने साफ किया है कि इसका इस्तेमाल सिर्फ मल्टी-डे टूर्नामेंट्स (जैसे CK नायडू ट्रॉफी) में ही होगा। Syed Mushtaq Ali या Vijay Hazare जैसे व्हाइट-बॉल टूर्नामेंट्स में ये लागू नहीं होगा। भविष्य में इस नियम को  IPL में भी लाया जा सकता है।

कैसे काम करेगा नया रूल?

  • चोट मैदान पर खेल के दौरान ही होनी चाहिए और इतनी गंभीर हो कि खिलाड़ी मैच में आगे न खेल पाए।
  • रिप्लेसमेंट का फैसला ऑन-फील्ड अंपायर्स और मैच रेफरी करेंगे, ज़रूरत पड़ने पर डॉक्टर की सलाह भी ली जाएगी।
  • रिप्लेसमेंट खिलाड़ी like-for-like होना चाहिए, यानी बल्लेबाज की जगह बल्लेबाज या गेंदबाज की जगह गेंदबाज।
  • रिप्लेसमेंट सिर्फ उन्हीं सब्सटीट्यूट्स में से चुना जाएगा जो मैच शुरू होने से पहले नामित किए गए हों।
  • खास केस में अगर विकेटकीपर चोटिल हो जाए और नामित सब्स में कोई दूसरा कीपर न हो तो रेफरी टीम को बाहर से नया कीपर लेने की इजाजत दे सकता है।
  • एक बार रिप्लेसमेंट मंज़ूर हो गया तो इंजर्ड खिलाड़ी मैच में दोबारा नहीं खेल सकेगा।

BCCI ने ये भी साफ किया है कि रिप्लेसमेंट खिलाड़ी पर वही वॉर्निंग्स, पेनल्टी टाइम और सस्पेंशन लागू होंगे जो इंजर्ड खिलाड़ी पर थे।

अन्य अहम बदलाव
शॉर्ट रन का नया नियम: अगर बैटर्स जान-बूझकर रन पूरा नहीं करते और धोखा देने की कोशिश करते हैं तो उसे डेलिब्रेट शॉर्ट रन माना जाएगा।
रिटायर-आउट का नियम: अब कोई बल्लेबाज बिना सही वजह (बीमारी/चोट) के अगर रिटायर होता है तो उसकी पारी “Retired – Out” मानी जाएगी और वो दोबारा बैटिंग करने नहीं लौट सकेगा, चाहे विपक्षी कप्तान इजाज़त दे भी दे।

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यह कदम BCCI ने इसलिए उठाया है क्योंकि हाल ही में ऋषभ पंत और इंग्लैंड के क्रिस वोक्स जैसी चोटों ने मैच का संतुलन पूरी तरह बिगाड़ दिया था। अब उम्मीद है कि इस नए नियम से मल्टी-डे क्रिकेट और भी निष्पक्ष और प्रतिस्पर्धी बनेगा।

लेखक के बारे में

Ankit Rana
Media Graduate | Cricket & Film Enthusiast | Sharing insights, stories, and analysis on the latest in cricket and cinema. Join me for in-depth content and engaging discussions! Read More
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