बीते समय में इंडियन क्रिकेट टीम में ऐसे खिलाड़ियों की कमी नजर आई है जो बल्लेबाजी से साथ-साथ थोड़ी बहुत पार्ट टाइम गेंदबाजी भी कर सके। यही वजह है इंडियन टीम को संघर्ष करना पड़ा है, लेकिन अब टीम की इस समस्या के सुलझने के संकेत मिल रहे हैं। दरअसल, टीम इंडिया के गेंदबाजी कोच पारस म्हाम्ब्रे (Paras Mhambrey) ने यह खुलासा किया है कि जल्द ही यशस्वी जायसवाल और तिलक वर्मा टीम के लिए बल्लेबाजी के साथ-साथ पार्ट टाइम बॉलर की भूमिका निभा सकते हैं।
कोच पारस म्हाम्ब्रे का मानना है कि यशस्वी और तिलक वर्मा में एक अच्छा पार्ट टाइम गेंदबाज बनने की काबिलियत है, यही वजह है उन्हें वेस्टइंडीड के खिलाफ आखिरी दो मुकाबलों में गेंदबाजी करते हुए देखा जा सकता है। वह बोले, 'जब आपके पास कोई ऐसा खिलाड़ी होता है जो योगदान दे सकता है, तो यह अच्छा है। मैंने तिलक और यशस्वी को अंडर-19 के दिनों से गेंदबाजी करते देखा है। वे अच्छे गेंदबाज बनने में सक्षम हैं।'
इंडियन टीम के बॉलिंग कोच ने आगे कहा, 'वे इस स्तर पर इस पर काम कर सकते हैं। जब आपको इस तरह के विकल्प मिलते हैं, तो यह अच्छा है।' एक बार फिर बता दें कि भारतीय बॉलिंग कोच ने यह साफ कर दिया है कि जल्द ही यशस्वी और तिलक भारतीय फैंस को गेंदबाजी करते देखेंगे। इस पर काम जारी है और वह वेस्टइंडीज के खिलाफ आखिरी दो मुकाबलों में कुछ ओवर बॉलिंग कर सकते हैं।
गौरतलब है कि साल 2011 में जब इंडियन टीम ने वर्ल्ड कप जीता था तब इंडियन टीम के पास अतिरिक्त गेंदबाजों के खूब ऑप्शन मौजूद थे। साल 2011 की इंडियन टीम में कप्तान धोनी के लिए सुरेश रैना, युवराज सिंह, सचिन तेंदुलकर, वीरेंद्र सहवाग जैसे खिलाड़ी हमेशा एक अतिरिक्त गेंदबाज के ऑप्शन में उपलब्ध रहते थे, लेकिन बीते समय में इंडियन टीम में यह लग्जरी देखने को नहीं मिली है।