भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का आगाज़ कल यानि 17 मार्च से मुंबई में होने जा रहा है। रोहित शर्मा की गैरमौजूदगी में ऑलराउंडर हार्दिक पांड्या पहले वनडे में टीम इंडिया की कप्तानी करते हुए दिखेंगे। हालांकि, पहले वनडे से पहले हार्दिक पांड्या ने एक ऐसा बयान दिया है जिसने क्रिकेट फैंस को उनका मुरीद बना दिया है।
शुक्रवार को मुंबई में प्रेस कॉन्फ्रेंस में पांड्या ने इस बात पर मुहर लगाई कि वो विश्व टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल में भाग नहीं लेंगे। पांड्या ने ये फैसला इसलिए लिया है ताकि वो नैतिकता के नाते किसी और की जगह ना छीन लें और उन्हें लगता है कि उन्होंने ऐसा कुछ भी नहीं किया है कि उन्हें टेस्ट टीम में शामिल किया जाए।
हार्दिक पांड्या ने प्रेस कॉन्फ्रेंस मेंक हा, "नहीं। मैं नैतिक रूप से बहुत मजबूत व्यक्ति हूं। मैंने टेस्ट टीम में पहुंचने के लिए 10% भी काम नहीं किया है। यहां तक कि मैं मानता हूं कि मैंने टेस्ट टीम में जगह हासिल करने के लिए 1% भी मेहनत नहीं की है। इसलिए मेरा वहां आना और किसी की जगह लेना नैतिक रूप से ठीक नहीं होगा। अगर मैं टेस्ट क्रिकेट खेलना चाहता हूं तो मैं कड़ी मेहनत करूंगा और अपना स्थान अर्जित करूंगा। इसलिए मैं डब्ल्यूटीसी फाइनल या भविष्य की टेस्ट सीरीज के लिए तब तक उपलब्ध नहीं रहूंगा, जब तक मुझे नहीं लगता कि मैंने अपना स्थान अर्जित कर लिया है।"
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आपको बता दें कि फिलहाल हार्दिक पांड्या लिमिटेड ओवर्स फॉर्मैट में टीम इंडिया के लिए खेल रहे हैं और टी-20 में तो वो लगातार टीम की कप्तानी भी कर रहे हैं और ऐसा माना जा रहा है कि साल 2024 में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप में हार्दिक पांड्या ही टीम इंडिया की कप्तानी करते हुए नजर आएंगे। खैर उससे पहले हार्दिक के सामने एक और चुनौती है क्योंकि वो आईपीएल के डिफेंडिंग चैंपियन हैं और आगामी आईपीएल सीज़न में ये दिखाने के लिए बेताब होंगे कि साल 2022 आईपीएल में जीत हासिल करना गुजरात टाइटंस का तुक्का नहीं था।